सागर जिले के सानौधा थाना क्षेत्र स्थित परसोरिया ग्राम पंचायत के अमोदा गांव में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसमें एक तेंदुआ कुएं में गिरकर डूबने से मौत का शिकार हो गया। यह घटना रविवार को उस समय सामने आई जब एक किसान खेत पर सिंचाई के लिए पहुंचे और कुएं में तेंदुए का शव देखा। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को कुएं से बाहर निकाला और मामले की जांच शुरू की।

घटना का विवरण
रविवार सुबह अमोदा गांव के निवासी दीपक लोधी अपने खेत पर फसल की सिंचाई करने के लिए पहुंचे। जब उन्होंने कुएं में पानी डालने के लिए मोटर चालू की और कुएं के पास पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि कुएं में तेंदुए का शव पड़ा हुआ था। यह दृश्य देखकर दीपक लोधी तुरंत घबराए और उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद, वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
वन विभाग की रेस्क्यू टीम की कार्रवाई
सूचना मिलते ही, वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तेंदुए के शव को बाहर निकालने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मौके पर एसडीओ विनीता जाटव, गढ़ाकोटा रेंजर अभिनव दिवाकर, डिप्टी रेंजर हरपाल राजपूत सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे। साथ ही, रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व से डॉग स्क्वॉड की टीम को भी बुलाया गया। डॉग स्क्वॉड टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास सर्चिंग की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तेंदुआ किस कारण कुएं में गिरा था और क्या आसपास कोई अन्य संदिग्ध गतिविधि तो नहीं थी।
इसके बाद, जाल की मदद से कुएं से तेंदुए के शव को बाहर निकाला गया। शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए जबलपुर भेजा गया है।

शव का निरीक्षण और प्रारंभिक जांच
वन विभाग की एसडीओ विनीता जाटव ने जानकारी देते हुए बताया कि तेंदुए का शव कुएं में पाया गया था और शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक निरीक्षण में तेंदुए के शरीर पर किसी प्रकार के चोटों के निशान नहीं पाए गए। इस प्रकार की परिस्थितियों में प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि तेंदुआ कुएं में गिरकर डूब गया। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

संभावित कारण और आगे की जांच
एसडीओ विनीता जाटव ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और वन विभाग की टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है। तेंदुआ का कुएं में गिरने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। जबलपुर भेजे गए पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए की मौत का सही कारण पता चल सकेगा। इसके अलावा, वन विभाग द्वारा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई जा सकती है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं पुनः न घटित हों।

यह घटना सागर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण की आवश्यकता को उजागर करती है। तेंदुआ जैसे जंगली जानवरों के प्राकृतिक आवास में प्रवेश से ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, जिसमें वे दुर्घटनावश किसी गहरे गड्ढे या कुएं में गिरकर घायल या मृत हो जाते हैं। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले की जांच शुरू कर दी है और तेंदुए की मौत के कारण का पता लगाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।