मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना लगातार महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। सागर जिले के कई परिवार इस योजना के लाभ से आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं। इसी कड़ी में जिले की निवासी श्रीमती ऊषा ठाकुर ने बताया कि योजना से मिलने वाली मासिक सहायता राशि ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को नई मजबूती दी है।

“पहले बच्चों की पढ़ाई रोकने की नौबत आ जाती थी” — ऊषा ठाकुर
श्रीमती ऊषा ठाकुर ने बताया कि कुछ समय पहले तक बच्चों की स्कूल फीस, कॉपी-किताबें और अन्य शिक्षा संबंधी खर्चों को पूरा करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। सीमित आय के कारण कई बार बच्चों की पढ़ाई अधर में न रुके, इसके लिए उन्हें कर्ज तक लेने की स्थिति बन जाती थी।
उन्होंने बताया,
“पहले किसी तरह बच्चों की फीस और पढ़ाई का खर्च पूरा करना पड़ता था। कई बार तो सोचना पड़ता था कि घर का खर्च चलाएँ या बच्चों के स्कूल का। लेकिन अब ऐसा नहीं है।”
लाड़ली बहना योजना ने दी आर्थिक राहत
ऊषा ठाकुर ने बताया कि सरकार द्वारा दी जा रही मासिक वित्तीय सहायता से उन्हें बच्चों के लिए आवश्यक शिक्षा-सामग्री खरीदने में काफी सहूलियत हो रही है।
योजना की राशि से —
- बच्चों की स्कूल फीस का समय पर भुगतान
- कॉपी-किताबें और यूनिफॉर्म की खरीद
- घर के छोटे-मोटे दैनिक खर्च
आसानी से पूरे हो जा रहे हैं।
उन्होंने खुशी जताते हुए कहा,
“लाड़ली बहना योजना ने हमारे परिवार को नई राहत दी है। अब बच्चों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के चल रही है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी की हृदय से आभारी हूँ।”
सरकार का उद्देश्य — महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक मजबूती
लाड़ली बहना योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने और परिवार की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से काम कर रही है। सागर जिले में हजारों महिलाएँ इस योजना से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त कर अपने परिवारों का संबल बन रही हैं।
परिवारों में बढ़ रहा आत्मविश्वास
जिला प्रशासन के अनुसार, योजना की राशि ने न केवल महिलाओं के खर्च का बोझ कम किया है, बल्कि परिवार में आर्थिक संतुलन और आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। महिलाओं में यह विश्वास बढ़ा है कि वे अपने परिवार की जिम्मेदारियों में अहम योगदान दे सकती हैं।