भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर कार्यक्रम और पैदल रैली का आयोजन !

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सागर: शासकीय संभागीय आईटीआई सागर में श्री अमरनाथ साकेत, प्राचार्य आईटीआई सागर के निर्देशन में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर 1 से 15 नवम्बर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य आदिवासी संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को युवा प्रशिक्षणार्थियों के बीच उजागर करना था।

कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश के समृद्ध जनजातीय इतिहास तथा स्वतंत्रता संग्राम में योगदान विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में साक्षी साहू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अंकिता गोंड द्वितीय स्थान पर रही। इसके साथ ही जनजातीय कला पर आधारित रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रशिक्षणार्थियों ने इस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान साक्षी साहू, जबकि द्वितीय स्थान प्रिंस जैन एवं अन्य साथियों ने प्राप्त किया।

इन प्रतियोगिताओं के बाद संस्था के प्रशिक्षणार्थियों और स्टाफ के द्वारा पैदल यात्रा का आयोजन किया गया, जो आईटीआई परिसर से शुरू होकर शास्त्री ब्रिज, खुरई रोड होते हुए पुनः आईटीआई परिसर में समाप्त हुई। इस अवसर पर यात्रा को प्रारंभ करते हुए पूजा तिवारी, प्राचार्य वर्ग 02, शासकीय संभागीय आईटीआई सागर ने कहा कि हमें महापुरुषों द्वारा बताए गए मार्ग का अनुसरण करते हुए हमेशा अच्छे कार्य करने चाहिए। उन्होंने बताया कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमें भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को संजोना है और उनके विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि “लोकल फॉर वोकल” को जीवन में अपनाकर समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलजुलकर विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में कार्य करना चाहिए।

कार्यक्रम में श्री लखनलाल अहिरवार ने अपने प्रेरक गीत से प्रशिक्षणार्थियों का उत्साह वर्धन किया, जबकि श्री सुनील सेन ने भगवान बिरसा मुंडा द्वारा किए गए क्रांतिकारी कार्यों और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर समस्त प्रशिक्षण अधिकारी, NCC कैडेट और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन छात्रों के बीच जागरूकता और प्रेरणा का संदेश फैलाने के साथ हुआ। प्रशिक्षणार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे आदिवासी संस्कृति और विरासत को संरक्षित रखने तथा समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित होकर कार्य करेंगे।

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