सागर जिले के मकरोनिया स्थित मलयाली अय्यप्पा मंदिर में सोमवार से 58 दिवसीय मकर विलक्कू पर्व का शुभारंभ हुआ। यह पर्व 14 जनवरी को मकर संक्रांति तक प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठानों और विशेष पूजा-अर्चना के साथ आयोजित किया जाएगा। मलयाली समाज के लिए यह पर्व अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व वाला माना जाता है।
नरयावली विधानसभा के विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने पर्व के पहले दिन मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा में भाग लिया और भगवान अय्यप्पा के दर्शन कर क्षेत्रवासियों के लिए मंगलकामनाएँ की। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरा हुआ था जहां भक्तों ने पारंपरिक वेश-भूषा और विधिवत रीति से पूजा-अर्चना की।

पर्व की विशेषताएँ
श्री अय्यप्पा सेवा संघम के अध्यक्ष के.जी.सी. नायर ने विधायक को बताया कि मकरोनिया का यह अय्यप्पा मंदिर सबरीमाला के मंदिर की अनुष्ठान परंपराओं पर आधारित है। यहां 17, 19 और 28 नवंबर को तथा 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन विशेष बड़ी पूजा का आयोजन होगा।
पहले दिन 1001 दीपों की आराधना की गई, जो भगवान अय्यप्पा के प्रति भक्ति और तप का प्रतीक है। अगले 55 दिनों तक प्रतिदिन विशेष पूजा सम्पन्न होगी।
श्री नायर ने बताया कि मकर विलक्कू केरल का प्रसिद्ध पर्व है जो सबरीमाला में आयोजित होता है। पर्व के दौरान पोन्नम्बलमेडु पहाड़ी पर दिव्य ज्योति ‘मकर विलक्कू’ प्रज्वलित की जाती है, जबकि भक्त आकाश में ‘मकरज्योति’ के दर्शन करते हैं। यह पर्व 41 दिनों की तपस्या, संयम और आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतीक है।

विधायक का संबोधन
विधायक प्रदीप लारिया ने मलयाली समाजजनों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मकर विलक्कू भक्ति, संयम और सदाचार का संदेश देने वाला पर्व है, जो समाज में आध्यात्मिक एकता को बढ़ावा देता है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि सागर शहर की सांस्कृतिक विविधता इसमें और समृद्ध होती है।
इस अवसर पर पार्षद बलबंत ठाकुर, मंदिर समिति के सदस्य और मलयाली समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति, उत्साह और पारंपरिक मलयाली संस्कृति की सुगंध व्याप्त रही।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददता – अर्पित सेन
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