अनाज भंडारण व्यवस्था में बड़ा बदलाव !

Spread the love

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने खाद्यान्न भंडारण प्रणाली को आधुनिक, सटीक और पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए शुक्रवार को तीन मोबाइल ऐप — निरीक्षण ऐप, नमी मापक ऐप और फ्यूमिगेशन ऐप — का शुभारंभ किया।

इन ऐप्स के जरिए राज्य में गोदाम प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे न केवल गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा, बल्कि नागरिकों को बेहतर गुणवत्ता का खाद्यान्न उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित होगा।

मंत्री राजपूत ने कहा कि पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब निरीक्षण से लेकर नमी माप और फ्यूमिगेशन तक हर चरण लोकेशन-बेस्ड डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होगा, जिससे भंडारण प्रणाली पूरी तरह टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनेगी।


ऐसे बदलेंगे तीन नए ऐप गोदाम प्रबंधन की तस्वीर

1. निरीक्षण ऐप – रियल-टाइम लोकेशन आधारित मॉनिटरिंग

  • गोदामों का भौतिक निरीक्षण अब रियल-टाइम GPS लोकेशन पर आधारित होगा।
  • निरीक्षण का रोस्टर भोपाल मुख्यालय से तैयार होगा।
  • क्रॉस वेरिफिकेशन के लिए एक ब्रांच का निरीक्षण दूसरी ब्रांच के अधिकारी द्वारा किया जाएगा।
  • निरीक्षक को 100 मीटर के भीतर मौजूद रहने पर ही ऐप निरीक्षण स्वीकार करेगा।
  • सभी तस्वीरें और रिपोर्टें रियल-टाइम पोर्टल पर अपलोड होंगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

2. नमी मापक ऐप – डिजिटल मॉइस्चर मीटर से सटीक रिपोर्टिंग

  • नमी मापन की प्रक्रिया अब मैनुअल नहीं, पूरी तरह डिजिटल होगी।
  • स्टैक की ऊपरी, मध्य और निचली परत से नमी मापकर डिजिटल पर्ची ऐप में अपलोड करनी होगी।
  • प्रत्येक गोदाम की नमी की रिपोर्ट प्रतिमाह रियल-टाइम उपलब्ध होगी।
  • जिला प्रबंधक अब सीधा डेटा भारतीय खाद्य निगम को भेज पाएंगे।
  • इससे भंडारित अनाज की गुणवत्ता बनाए रखने में बड़ी मदद मिलेगी।

3. फ्यूमिगेशन ऐप – दवा छिड़काव का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड

  • दवा छिड़काव (फ्यूमिगेशन) की पूरी प्रक्रिया अब पेपरलेस और डिजिटल होगी।
  • कवर लगाने से लेकर कवर हटाने तक की तस्वीरें ऐप में अपलोड करनी होंगी।
  • ब्रांच मैनेजर के अधिकृत प्रतिनिधि की मौजूदगी अनिवार्य होगी।
  • फ्यूमिगेशन सफल न होने तक स्टॉक जारी नहीं होगा।
  • यह प्रणाली अनाज की सुरक्षा और उपभोक्ता स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि इन तीनों ऐप्स के माध्यम से खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, तकनीकी त्रुटियां दूर होंगी और भ्रष्टाचार पर स्वतः रोक लगेगी। यह कदम सभी उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता का अनाज उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *