जबलपुर। इंद्राना गांव और आसपास के क्षेत्र में बीते दो सप्ताह से तेंदुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव के लोगों में भय का माहौल ऐसा है कि शाम ढलते ही सभी अपने घरों में कैद हो जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार तीन से चार तेंदुओं का झुंड आए दिन गांव के आसपास मंडराते देखा जा रहा है। कई बार ये तेंदुए घरों की छतों पर और मंदिर परिसर में भी नजर आ चुके हैं।

गाय, बकरियां और कुत्ते बने शिकार
इंद्राना गांव निवासी बेड़ी लाल चक्रवर्ती ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 9 बजे जंगल की ओर गए थे। लौटते समय उन्होंने देखा कि तेंदुए ने एक गाय का शिकार कर दिया था। इससे पहले भी तेंदुआ गांव के अंदर तक घुस चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ जंगल से आता है, शिकार करता है और वापस लौट जाता है। अब तक कई बकरियों और कुत्तों को भी वह निशाना बना चुका है।
ग्रामीण महिला शांति बाई ने बताया कि चराई के लिए बाहर जाने वाली बकरियों पर तेंदुए घात लगाकर हमला कर देते हैं। “शिकार करने के बाद यह कभी मंदिर की छत पर चढ़ जाता है तो कभी किसी के घर की छत पर दिख जाता है,” उन्होंने कहा।
ग्रामीण दहशत में, शाम होते ही बंद हो जाते हैं दरवाज़े
लगातार तेंदुआ देखे जाने से ग्रामीणों में भय गहराता जा रहा है। कई परिवार रात में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। बच्चे भी घरों में ही सीमित हो गए हैं। गांव वालों का कहना है, “तेंदुआ आता है, शिकार करता है और फिर गायब हो जाता है।”
वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
डीएफओ ऋषि मिश्र ने पुष्टि की है कि इंद्राना, सिहोरा, कटंगी सहित जिले के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तेंदुओं का मूवमेंट बढ़ा है। उनके अनुसार जबलपुर जिले में 30 से अधिक तेंदुए सक्रिय हैं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अब तक किसी इंसान पर हमला नहीं हुआ है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले जंगल की ओर न जाने की सलाह दी है। विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी रख रही है।
निगरानी बढ़ी, पर दहशत जस की तस
हालांकि वन विभाग स्थिति पर नजर रखे हुए है, लेकिन गांव में तेंदुओं की दहशत कम नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुओं की गतिविधियों पर काबू नहीं पाया जाता, तब तक वे भय के साए में ही जिंदगी बिताने को मजबूर हैं।