शिवपुरी जिले के पिछोर थाना में शनिवार रात करीब 10 बजे एक विवादित घटना सामने आई, जिसमें थाने में एलएलबी छात्र क्षितिज पाठक के खिलाफ थाना प्रभारी टीआई उमेश उपाध्याय पर मारपीट करने का आरोप लगा है। मामला तब सामने आया जब छात्र एफआईआर दर्ज कराने थाने गया था। घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बयानों में मतभेद है।

मामले की कहानी
क्षितिज पाठक, जो शिवपुरी में एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है, ने बताया कि शनिवार शाम वह अपने मित्र फरहान के साथ थाने गया। थाने में पहुंचने पर उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने की बात कही।
- इस दौरान सिविल ड्रेस में टीआई उमेश उपाध्याय वहां पहुंचे।
- छात्र ने आरोप लगाया कि टीआई ने पहले गाली-गलौज की और फिर उसे चप्पल से मारपीट की।
- मारपीट के बाद क्षितिज को रातभर थाने में बंद रखा गया और वहां भी उसे पीटा गया।


थाने में दर्ज मामला और जमानत
मारपीट के बाद, टीआई ने क्षितिज के खिलाफ धारा 151 (शांतिभंग) के तहत मामला दर्ज कर दिया।
- परिजन ने अगले दिन दोपहर डेढ़ बजे छात्र की जमानत कराई।
- क्षितिज ने दावा किया कि जमानत के बाद उस पर अपनी गलती स्वीकार करने और वीडियो बनाने का दबाव डाला जा रहा है।
पक्षों के बयान
- टीआई उमेश उपाध्याय ने मारपीट के आरोपों को सिरे से नकारा। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो एआई (Artificial Intelligence) द्वारा बनाया गया है।
- पिछोर एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने कहा कि मामला संज्ञान में है और जांच जारी है। जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि
- छात्र क्षितिज पाठक का पिता एडवोकेट रविंद्र पाठक, भाजपा नेता हैं।
- क्षितिज पहले एबीवीपी से जुड़ा रहा है।
- परिवार और छात्र ने बताया कि घटना के बाद उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया गया।
अगले कदम
जांच के दौरान वायरल वीडियो, थाने में मौजूद गवाहों और मोबाइल रिकॉर्डिंग सहित सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सत्यापन के बाद ही कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।