खातेगांव/मानपुर। जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बुधवार को मिलावटखोरी और अवैध खाद्य उत्पादन पर बड़ी कार्रवाई की। खातीपुरा स्थित सुमित गजक एवं कुल्फी के कारखाने में गंदगी के बीच तिल और मूंगफली की गजक बनती पाई गई। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री संचालक सुमित शिवहरे के पास फूड लाइसेंस भी नहीं मिला। टीम ने कारखाने को तत्काल सील कर दिया।
गंदगी में गजक उत्पादन, नमूने लिए गए
निरीक्षण के दौरान भारी मात्रा में गंदगी और अनियमितताएं मिलीं। टीम ने यहां से—
- गुड़
- तिल
- तिल गजक
- मूंगफली दाना पट्टी
के नमूने जांच के लिए लिए।
फूड लाइसेंस न होने से यूनिट को पूरी तरह बंद कर दिया गया।

गणभोग फूड्स और मोती महल डीलक्स से भी नमूने
कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए टीम ने खातीपुरा स्थित गणभोग फूड्स का भी निरीक्षण किया। यहां से राजगीरा लड्डू और तिल लड्डू के नमूने जांच हेतु भेजे गए।
इसके अलावा शहर के फिनिक्स सिटाडेल मॉल में स्थित मोती महल डीलक्स रेस्टोरेंट से पनीर, चावल एवं मैदा के नमूने लिए गए।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा—
“नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

मानपुर में अवैध यूरिया विक्रय का खुलासा, गोदाम सील
प्रशासनिक टीम ने बुधवार को मानपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए माहेश्वरी एग्रो सेल्स के प्रतिष्ठान और गोदामों का निरीक्षण किया।
जांच में पाया गया कि प्रोप्राइटर रजत अजमेरा द्वारा अनुदान प्राप्त यूरिया को निमरानी (खरगोन) से अवैध रूप से परिवहन कर मानपुर में बेचा जा रहा था। यह विक्रय पूरी तरह गैरकानूनी था।
एफआईआर दर्ज, लाइसेंस निलंबित
उर्वरक निरीक्षक एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, महू की शिकायत पर—
- रजत अजमेरा के खिलाफ मानपुर थाना में FIR दर्ज की गई
- उर्वरक लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया गया
- गोदाम को प्रशासन ने सील कर दिया
प्रशासन की यह कार्रवाई मिलावटखोरी और अवैध व्यापार पर सख्ती की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।