इंदौर के राऊ इलाके में केट रोड स्थित एक बस्ती में ब्लैक पैंथर (काला तेंदुआ) दिखाई देने के दावे ने सनसनी फैला दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो और फोटो के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। दावा किया जा रहा है कि एक 12 वर्षीय बच्चे ने ब्लैक पैंथर की फोटो खींची है, जिसे एआई और डीपफेक एक्सपर्ट्स द्वारा शुरुआती जांच में ओरिजनल बताया गया है। हालांकि, वन विभाग ने अब तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि तस्वीर में दिखाई दे रहा जानवर वास्तव में ब्लैक पैंथर ही है।
वीडियो वायरल होते ही हरकत में आया वन विभाग
वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। प्रशिक्षु रेंजर पायल शर्मा के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जिस स्थान पर पैंथर देखे जाने का दावा किया जा रहा है, वहां सघन सर्चिंग की जा रही है। आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और बस्ती के लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

वन विभाग की टीम संभावित मूवमेंट रूट, झाड़ियों और खुले इलाकों की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह कोई अन्य वन्य जीव—जैसे सामान्य तेंदुआ, बड़ी बिल्ली प्रजाति या फिर किसी अन्य जानवर की गलत पहचान तो नहीं है।
फोटो खींचने वाले बच्चे से पूछताछ
जिस बच्चे ने ब्लैक पैंथर की फोटो खींचने का दावा किया है, उससे वन विभाग के अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार बच्चा बार-बार अपना बयान बदल रहा है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आने में देरी हो रही है।
वन विभाग अब बच्चे के माता-पिता, पड़ोसियों और बस्ती के अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फोटो वास्तव में कहां और किस परिस्थिति में ली गई थी। अधिकारी इस एंगल से भी जांच कर रहे हैं कि कहीं यह फोटो किसी दूसरे इलाके की तो नहीं है, जिसे यहां का बताकर वायरल किया गया हो।
मध्यप्रदेश में कहां पाए जाते हैं ब्लैक पैंथर
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मध्यप्रदेश में ब्लैक पैंथर अब तक सिवनी मालवा के जंगलों में ही देखे गए हैं। वहां भी इनकी मौजूदगी बेहद दुर्लभ मानी जाती है। यदि इंदौर जैसे शहरी क्षेत्र के पास ब्लैक पैंथर की मौजूदगी की पुष्टि होती है, तो यह न सिर्फ प्रदेश बल्कि वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए भी एक अहम और असामान्य घटना होगी।
ब्लैक पैंथर को आमतौर पर ‘द जंगल बुक’ के प्रसिद्ध किरदार के रूप में भी जाना जाता है और यह तेंदुए की ही एक दुर्लभ प्रजाति (मेलानिस्टिक लेपर्ड) होता है।
लोगों में डर, प्रशासन ने की अपील
ब्लैक पैंथर के दावे के बाद केट रोड और आसपास की बस्तियों में लोगों में डर का माहौल है। कई लोगों ने बच्चों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। वन विभाग और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, रात के समय अकेले बाहर न निकलें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
जांच जारी, पुष्टि का इंतजार
फिलहाल वन विभाग किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की गहन जांच कर रहा है। सर्चिंग, पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि राऊ क्षेत्र में दिखने का दावा किया जा रहा जानवर वास्तव में ब्लैक पैंथर है या नहीं।