अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट छोटे उद्योगों के लिए मील का पत्थर: गोविंद सिंह राजपूत !

Spread the love

अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट छोटे-छोटे उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए मील का पत्थर साबित होगी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी। साथ ही बुंदेलखंड तेजी से उद्योग इकाइयों का हब बनता जा रहा है। यह विचार खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट के संभागीय कार्यक्रम में व्यक्त किए। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय स्थित अभिमंच सभागार में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में बीना विधायक श्रीमती निर्मला सप्रे, संभागायुक्त श्री अनिल सुचारी, कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, जॉइंट कमिश्नर श्री राजेश शुक्ला, श्री विनय द्विवेदी, एस.एस. संधू, श्री प्रमोद उपाध्याय, श्री अरविंद भाई, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष सहित अनेक उद्योगपति, अधिकारी एवं जनसमुदाय की उपस्थिति रही।

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। बुंदेलखंड में उद्योगों का जाल बिछाया जा रहा है और शीघ्र ही यह क्षेत्र औद्योगिक हब के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने बताया कि खजुराहो में आयोजित कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा सागर में 608 हेक्टेयर भूमि पर 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की घोषणा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री द्वारा बीना में 54 हजार करोड़ रुपये के उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लगभग 2 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है और केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड की संपूर्ण भूमि सिंचित होगी, जिससे पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश बिजली, पानी और सड़क जैसे बुनियादी ढांचे में आत्मनिर्भर हो चुका है और अब बिजली सरप्लस की स्थिति में है।

उन्होंने कहा कि कोविड काल में देश में सर्वाधिक गेहूं उत्पादन मध्यप्रदेश में हुआ और आने वाले समय में प्रदेश गेहूं उत्पादन में पंजाब को भी पीछे छोड़ देगा। साथ ही हर घर बिजली और हर घर पानी की योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रानी दुर्गावती अभ्यारण में चीता लाने की योजना पर कार्य कर रहे हैं, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट छोटे और मध्यम उद्योगपतियों को एक मजबूत प्लेटफॉर्म प्रदान करेगी, जिससे निवेश और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने सागर के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर लंबे आंदोलन हुए, लेकिन आज प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में न केवल केंद्रीय विश्वविद्यालय बल्कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की भी स्थापना हो चुकी है।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने डॉ. हरिसिंह गौर की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। ग्वालियर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण अभिमंच सभागार में देखा और सुना गया।

कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के प्रबंधक श्री कमलेश मगरदे ने स्वागत भाषण देते हुए समिट की जानकारी दी, जबकि उद्योग विभाग की महाप्रबंधक श्रीमती मंदाकिनी पांडे ने आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में निवेश और रोजगार सृजन में योगदान देने वाले उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया। इनमें मेसर्स भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, आगासौद (बीना) से श्री शशि मिश्रा (निवेश 30,000 करोड़ रुपये, रोजगार 2000), मेसर्स मध्य भारत एग्रो प्रा.लि., सौरई (बंडा) से श्री विवेक त्रिपाठी (निवेश 400 करोड़ रुपये, रोजगार 100), मेसर्स अनिल इंटरप्राइजेज से श्री अनिल पाल (निवेश 20 लाख रुपये, रोजगार 6) सहित आई.टी. जॉब फैक्ट्री मकरोनिया, सागर के श्री संजय श्रीवास, सोनल तोमर, श्री अनिल राठौर और सानू ठाकुर शामिल रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योगपति, अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट को औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *