सिंगरौली। जिले में वन विभाग से जुड़ा एक मामला सोमवार को एक बार फिर गरमा गया, जब वन कर्मचारी संघ जिला सिंगरौली के बैनर तले वन कर्मचारियों ने कार्यवाहक वनपाल सुशील कुमार बुनकर के समर्थन में रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। संघ का आरोप है कि सोशल मीडिया पर सुशील बुनकर के खिलाफ झूठे और भ्रामक आरोप फैलाए जा रहे हैं, जिससे उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
वन कर्मचारी संघ ने कहा कि सुशील बुनकर एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी हैं और उन्हें उनके कार्य के लिए कई बार प्रशस्ति प्रमाण पत्र भी मिल चुके हैं। संघ ने स्पष्ट मांग की है कि निष्पक्ष जांच से पहले उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई न की जाए और झूठे आरोप लगाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्दबाजी में कोई एकतरफा कदम उठाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
राजनीतिक दबाव के आरोप
प्रदर्शन के दौरान वन कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर कुछ कांग्रेस पार्टी के नेता आदिवासियों पर जंगल की जमीन पर कब्जा करवाने का दबाव बनाते हैं। मना करने पर विवाद की स्थिति पैदा की जाती है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की भी बात कही गई।
मारपीट के आरोपों पर विवाद
पूरा मामला लालजी बैगा से कथित मारपीट से जुड़ा है। आरोप लगाया गया है कि सुशील बुनकर ने चौकी में बैठाकर उनके साथ मारपीट की। हालांकि, वन कर्मचारी संघ ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मेडिकल रिपोर्ट पर भी आपत्ति
संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि कलेक्टर द्वारा गठित तीन सदस्यीय मेडिकल रिपोर्ट टीम में शामिल गंगा वैश्य को हटाया जाए और किसी अन्य शासकीय डॉक्टर से मेडिकल रिपोर्ट की पुनः जांच कराई जाए।
अब इस पूरे मामले में मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर जिले भर की नजरें टिकी हुई हैं।
सिंगरौली। जिले में वन विभाग से जुड़ा एक मामला सोमवार को एक बार फिर गरमा गया, जब वन कर्मचारी संघ जिला सिंगरौली के बैनर तले वन कर्मचारियों ने कार्यवाहक वनपाल सुशील कुमार बुनकर के समर्थन में रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। संघ का आरोप है कि सोशल मीडिया पर सुशील बुनकर के खिलाफ झूठे और भ्रामक आरोप फैलाए जा रहे हैं, जिससे उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
वन कर्मचारी संघ ने कहा कि सुशील बुनकर एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी हैं और उन्हें उनके कार्य के लिए कई बार प्रशस्ति प्रमाण पत्र भी मिल चुके हैं। संघ ने स्पष्ट मांग की है कि निष्पक्ष जांच से पहले उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई न की जाए और झूठे आरोप लगाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्दबाजी में कोई एकतरफा कदम उठाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
राजनीतिक दबाव के आरोप
प्रदर्शन के दौरान वन कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर कुछ कांग्रेस पार्टी के नेता आदिवासियों पर जंगल की जमीन पर कब्जा करवाने का दबाव बनाते हैं। मना करने पर विवाद की स्थिति पैदा की जाती है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की भी बात कही गई।
मारपीट के आरोपों पर विवाद
पूरा मामला लालजी बैगा से कथित मारपीट से जुड़ा है। आरोप लगाया गया है कि सुशील बुनकर ने चौकी में बैठाकर उनके साथ मारपीट की। हालांकि, वन कर्मचारी संघ ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मेडिकल रिपोर्ट पर भी आपत्ति
संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि कलेक्टर द्वारा गठित तीन सदस्यीय मेडिकल रिपोर्ट टीम में शामिल गंगा वैश्य को हटाया जाए और किसी अन्य शासकीय डॉक्टर से मेडिकल रिपोर्ट की पुनः जांच कराई जाए।
अब इस पूरे मामले में मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर जिले भर की नजरें टिकी हुई हैं।