भोपाल। मध्यप्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस में आपसी खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला कांग्रेस के मीडिया विभाग से जुड़ा है, जहां टैलेंट हंट कार्यक्रम को लेकर ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने अपने पद से इस्तीफा तक दे दिया। यह पूरा घटनाक्रम पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी और समन्वय की कमी को उजागर करता है।

दरअसल, कांग्रेस मीडिया विभाग में प्रदेश प्रवक्ताओं के चयन के लिए टैलेंट हंट कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। इसी को लेकर मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक और मीडिया डिपार्टमेंट के प्रभारी अभय तिवारी के बीच मतभेद सामने आए, जो धीरे-धीरे सार्वजनिक विवाद में बदल गए।
इस्तीफे में लिखा – नए लोगों के लिए जगह खाली हो
मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजा। इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि
“कल प्रबंध समिति की बैठक में मैंने यह आह्वान किया था कि पुराने लोगों को नए लोगों के लिए स्थान खाली करना चाहिए। इसी भावना के तहत मैं स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा देता हूं।”

नायक ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि दो वर्षों तक उन्होंने एक बेहद मेहनती, ईमानदार और सक्षम अध्यक्ष के साथ काम किया, जिसका अनुभव अच्छा रहा, और उन्होंने शुभकामनाएं भी दीं।
विवाद की जड़: टैलेंट हंट कमेटी
इस पूरे विवाद की शुरुआत 9 दिसंबर को हुई, जब कांग्रेस के संगठन प्रभारी संजय कामले ने प्रदेश प्रवक्ताओं के चयन के लिए टैलेंट हंट कार्यक्रम हेतु 11 सदस्यीय कमेटी गठित की। हैरानी की बात यह रही कि इस कमेटी में मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का नाम शामिल नहीं था, जबकि मीडिया विभाग के प्रभारी अभय तिवारी को इस कमेटी का अध्यक्ष बना दिया गया।

नायक ने जारी की अलग लिस्ट
इसके बाद 23 दिसंबर को मुकेश नायक ने मीडिया विभाग की ओर से एक अलग आदेश जारी किया। इसमें उन्होंने अभय तिवारी को संयोजक और विधायक आरिफ मसूद को सह-संयोजक बनाया। साथ ही टैलेंट हंट कार्यक्रम के लिए नेताओं को क्लस्टर वार जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।
अभय तिवारी ने नायक के आदेश को किया निरस्त
मुकेश नायक द्वारा जारी इस लिस्ट पर अभय तिवारी ने कड़ा ऐतराज जताया और एक पत्र जारी कर नायक के आदेश को निरस्त कर दिया। अपने लेटर में तिवारी ने लिखा कि

“मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक द्वारा 23 दिसंबर को जारी आदेश सक्षम अनुमोदन और व्यावहारिक शक्ति के अभाव में निरस्त किया जाता है। टैलेंट हंट समिति किसी विभाग के अधीन नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अधीन गठित है। इसके कार्यों का बंटवारा केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा ही किया जा सकता है।”

सोशल मीडिया पर बधाई, फिर ट्वीट डिलीट
दिलचस्प बात यह रही कि मुकेश नायक द्वारा जारी की गई टैलेंट हंट की लिस्ट को एमपी कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट और खुद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने ट्वीट कर बधाई भी दे दी थी। हालांकि, जैसे ही विवाद बढ़ा, एमपी कांग्रेस और जीतू पटवारी ने अपने-अपने ट्वीट डिलीट कर दिए।

व्हाट्सएप ग्रुप में खुला टकराव
मामला यहीं नहीं रुका। मुकेश नायक की लिस्ट को लेकर कांग्रेस मीडिया डिपार्टमेंट के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में भी तीखी बहस हुई। अभय तिवारी ने ग्रुप में लिखा—
“जब संगठन की बर्बादी आती है, तो ऐसे परिपक्व आदेश जारी होने लगते हैं। हे प्रभु, मध्यप्रदेश कांग्रेस की रक्षा करना।”
इसके साथ ही तिवारी ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को टैग करते हुए लिखा—
“अध्यक्ष जी कृपया संज्ञान लें और मुझे मुक्त करें।”
इसके बाद अभय तिवारी और प्रवक्ता अभिनव बरोलिया को एक व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिए जाने की भी चर्चा सामने आई।

जीतू पटवारी ने इस्तीफा किया नामंजूर
विवाद के बाद मुकेश नायक का इस्तीफा चर्चा का विषय बन गया, लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नायक का इस्तीफा अस्वीकार कर दिया। इसका औपचारिक पत्र संगठन प्रभारी संजय कामले की ओर से जारी किया गया।

संगठन पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक समन्वय और नेतृत्व के बीच तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सत्ता से बाहर बैठी कांग्रेस पहले ही राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रही है, ऐसे में मीडिया विभाग जैसे अहम मोर्चे पर सामने आया यह विवाद पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस अंतर्कलह को कैसे सुलझाता है और संगठन को एकजुट रखने के लिए क्या कदम उठाता है।