सहरसा सदर अस्पताल परिसर स्थित पोस्टमार्टम कक्ष में शनिवार को एक दुखद मामला सामने आया, जहां पोखर में डूबने से हुई एक बुजुर्ग पांडा की मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और गांव में शोक का माहौल व्याप्त है।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान दयानंद गिरी के रूप में हुई है, जो सोनबरसा राज थाना क्षेत्र के जलसीमा गांव के निवासी थे। दयानंद गिरी लंबे समय से पांडा का कार्य करते थे और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से शामिल रहते थे। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार की रात वे गांव में आयोजित एक भोज में शामिल होने के लिए घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे।

रात भर इंतजार के बाद भी जब वे घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने शुरुआत में यह मान लिया कि वे किसी दूसरे गांव में भोज में रुक गए होंगे। इसी वजह से उस समय किसी तरह की अनहोनी की आशंका नहीं जताई गई।
शनिवार सुबह पोखर में मिला शव
शनिवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के पास स्थित एक पोखर में एक शव तैरता हुआ देखा। इसकी सूचना तुरंत गांव में फैली, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान दयानंद गिरी के रूप में की। घटना की जानकारी तत्काल स्थानीय थाना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया
सदर अस्पताल में मेडिकल टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मामला पोखर में डूबने से मौत का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि यह स्पष्ट किया जाएगा कि यह एक हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी जुड़ा हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
गांव में मातम, परिजन सदमे में
घटना के बाद जलसीमा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन गहरे सदमे में हैं और मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। गांव के लोग भी इस घटना से बेहद दुखी हैं और पूरे इलाके में मातम का माहौल बना हुआ है।