राज्य निर्वाचन आयोग ने सागर जिले की देवरी नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने (रिकॉल) की प्रक्रिया के तहत निर्वाचन कार्यक्रम घोषित कर दिया है। कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही देवरी नगरीय क्षेत्र में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। अब नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर चल रहा विवाद सीधे जनता के फैसले पर निर्भर करेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दीपक सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन 29 दिसंबर को किया जाएगा। इसी दिन प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न (प्रतीक) का आवंटन भी कर दिया जाएगा। मतदान 19 जनवरी को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक कराया जाएगा। मतदान संपन्न होने के बाद 21 जनवरी को सुबह 9 बजे से मतगणना शुरू होगी और उसी दिन निर्वाचन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

लंबे समय से चल रहा है राजनीतिक घमासान
देवरी नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से राजनीतिक खींचतान और विवाद की स्थिति बनी हुई है। अध्यक्ष पद पर नेहा जैन निर्वाचित हुई थीं। कार्यकाल के दौरान उन पर नगर पालिका में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे। शिकायतों की जांच के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने कार्रवाई करते हुए नेहा जैन को अध्यक्ष पद से हटा दिया था। उनके हटाए जाने के बाद पार्षद सरिता जैन को नगर पालिका अध्यक्ष पद का प्रभार सौंपा गया था।
कोर्ट से स्टे लेकर फिर संभाली कुर्सी
हालांकि, पद से हटाए जाने के बाद नेहा जैन ने न्यायालय की शरण ली और कोर्ट से स्टे प्राप्त कर पुनः अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल ली। इसके बाद देवरी नगर पालिका की राजनीति और अधिक गरमा गई। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा कदम उठाते हुए नेहा जैन और उनके पति अलकेश जैन को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6-6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद मामला पूरी तरह राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले चुका है।
जनता करेगी फैसला
अब राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा रिकॉल चुनाव की घोषणा के बाद यह तय हो गया है कि देवरी नगर पालिका अध्यक्ष का भविष्य जनता के हाथों में होगा। यदि मतदाता बहुमत से अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने के पक्ष में मतदान करते हैं, तो अध्यक्ष पद रिक्त माना जाएगा और आगे की प्रक्रिया के अनुसार नया अध्यक्ष चुना जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही देवरी नगर क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी की नजरें 19 जनवरी को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहां जनता यह तय करेगी कि मौजूदा अध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी या नहीं।