नए साल के जश्न को लेकर शहर में बढ़ती गतिविधियों के बीच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में शनिवार–रविवार की दरमियानी रात इंदौर में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने ढाबों, होटलों और कैफे पर व्यापक सर्चिंग अभियान चलाया। यह कार्रवाई कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के तहत तय गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के लिए की गई।
शहर और बाहरी इलाकों में ढाबों की जांच
आबकारी कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम ने शहर के भीतर और बाहरी क्षेत्रों में कई ढाबों पर देर रात तक जांच की। इस दौरान गिल ढाबा, भुक्कड़ ढाबा, मां भवानी ढाबा, हाईवे टच ढाबा, लालटेन ढाबा, शिकारवाड़ ढाबा, 8 PM ढाबा, न्यू सीटिंग जोन ढाबा और कैंडल्स ढाबा सहित अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई।

जांच के दौरान कई ढाबों पर बिना अनुमति शराब पिलाने और परोसने के मामले सामने आए। आबकारी विभाग ने ऐसे करीब 24 प्रकरण दर्ज किए। इसके साथ ही कुछ स्थानों से अवैध शराब भी जब्त की गई। अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर आगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तेज म्यूजिक और देर रात खुले कैफे पर पुलिस की कार्रवाई
वहीं, राउ थाना पुलिस ने एबी रोड स्थित क्रश कैफे और रेस्टोरेंट पर देर रात कार्रवाई की। पुलिस को मौके पर कैफे निर्धारित समय से अधिक देर तक खुला मिला। पूछताछ के दौरान संचालक पीयूष त्रिपाठी (पिता श्रीकांत त्रिपाठी) कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और न ही वहां काम कर रहे कर्मचारियों की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकी। इस पर पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की।
इसी तरह लसूडिया थाना पुलिस ने द हब में स्थित एफ बार बाय फेशन टीवी में तेज आवाज में म्यूजिक बजाने की शिकायत पर कार्रवाई की। पुलिस ने मौके पर शोर-शराबे की पुष्टि होने पर बार के मैनेजर अंकुश यादव, निवासी मानवता नगर, के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
नए साल पर कड़ी निगरानी
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नए साल के मौके पर शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। आबकारी और पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब की अवैध बिक्री, सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन, तेज म्यूजिक और समय-सीमा के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे नए साल का जश्न कानून के दायरे में रहकर मनाएं, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।