सागर।
मध्यप्रदेश के सागर जिले के जैसीनगर में बसा छोटा सा गांव खमकुवा का निवासी सूरत सिंह दांगी लंबे समय से पैरों की कमजोरी से जूझ रहे थे। घर की चारदीवारी के बाहर की दुनिया उनके लिए दूर की कौड़ी बन गई थी। बाजार जाना, रिश्तेदारों से मिलना और एक स्थान से दूसरे स्थान जाना उनके लिए मुश्किल हो गया था।

हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और कलेक्टर संदीप आर की जनसुनवाई में अपनी फरियाद रखी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें बैटरी वाली ट्राईसाइकिल मिल जाए, तो उनका जीवन फिर से चलने लगेगा।
कलेक्टर संदीप आर ने उनकी बात ध्यान से सुनी और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि आवेदन को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। त्वरित कागजी कार्यवाही के बाद सूरत सिंह दांगी को नई बैटरी वाली ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई।

ट्राईसाइकिल पाकर सूरत सिंह दांगी अब स्वतंत्र रूप से रोजाना बाजार जाते हैं, परिवार और दोस्तों से मिलते हैं और जीवन का आनंद ले रहे हैं। वे बार-बार कहते हैं कि जनसुनवाई ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी।
यह कहानी सिर्फ एक ट्राईसाइकिल की नहीं, बल्कि संवेदनशील प्रशासन और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की मिसाल है। कलेक्टर संदीप आर के निर्देश और शासन की त्वरित कारवाई ने सूरत सिंह दांगी के जीवन में नई रौशनी भर दी है।