सागर: एमएसएमई इकाइयों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने ZED जागरूकता कार्यशाला आयोजित !

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एमएसएमई इकाइयों की गुणवत्ता, उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ZED (Zero Defect Zero Effect) जागरूकता कार्यशाला का आयोजन 30 दिसंबर 2025 को खुरई (जिला सागर) में किया गया। यह कार्यशाला केंद्र सरकार की RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका संचालन Adept Edusys Pvt. Ltd. द्वारा मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम (MPLUN) — RAMP योजना की राज्य नोडल एजेंसी — के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन Adept Edusys Pvt. Ltd. द्वारा किया गया, जो संस्था की COO श्रीमती सुधा जी के मार्गदर्शन एवं मेंटरशिप में संपन्न हुआ। इस कार्यशाला में खुरई एवं बीना औद्योगिक क्षेत्र की एमएसएमई विनिर्माण इकाइयों के उद्यमियों एवं प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

अतिथियों ने एमएसएमई को योजनाओं का लाभ उठाने किया प्रेरित

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री महेश पाल, प्रबंधक – जिला उद्योग केंद्र (DIC) सागर तथा श्री आदर्श मिश्रा, सहायक प्रबंधक – DIC सागर की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने अपने संबोधन में एमएसएमई इकाइयों से केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने, गुणवत्ता मानकों को अपनाने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया।

RAMP योजना और ZED प्रमाणन पर विस्तृत सत्र

कार्यशाला के दौरान RAMP योजना पर विस्तृत जागरूकता सत्र श्री नीरज गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट (RAMP) द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने योजना के उद्देश्य, एमएसएमई को मिलने वाले वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग, क्षमता निर्माण तथा प्रतिस्पर्धात्मक सुधार के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

इसके साथ ही अन्य तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्रों का संचालन श्री चंदन वाधवानी, Adept Edusys Pvt. Ltd. द्वारा किया गया, जिसमें उद्योगों की कार्यप्रणाली सुधार, लागत नियंत्रण एवं उत्पादकता बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

ZED प्रमाणन के महत्व पर विशेष सत्र श्री हेमंत झा, प्रमाणित ZED कंसल्टेंट द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने Zero Defect एवं Zero Effect की अवधारणा को सरल भाषा में समझाते हुए बताया कि ZED प्रमाणन से न केवल उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि पर्यावरण अनुकूल उत्पादन, संसाधनों का कुशल उपयोग एवं बाजार में विश्वसनीयता भी बढ़ती है।

राज्य एवं केंद्र की नीतियों पर भी हुई चर्चा

कार्यशाला में MSME नीति 2025, MP स्टार्टअप पॉलिसी, MP भूमि नियम 2025 जैसी महत्वपूर्ण राज्य एवं केंद्र सरकार की नीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा GeM (Government e-Marketplace) एवं ONDC जैसे डिजिटल एवं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से सरकारी एवं डिजिटल मार्केटप्लेस से जुड़ने के अवसरों पर भी उपयोगी जानकारी साझा की गई।

50 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया लाभ

इस जागरूकता कार्यशाला में लगभग 50 से 55 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें खुरई एवं बीना औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न एमएसएमई विनिर्माण इकाइयों के उद्यमी एवं प्रतिनिधि शामिल थे। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत लाभकारी बताते हुए भविष्य में इस प्रकार के और कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

सतत विकास के संकल्प के साथ समापन

कार्यक्रम का समापन एमएसएमई क्षेत्र के सतत विकास, गुणवत्ता उन्नयन एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की कार्यशालाएं एमएसएमई इकाइयों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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