छतरपुर। जिले में 29 दिसंबर को संतोष पटेल नामक युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुराने जमीनी विवाद के चलते हुई इस हत्या के विरोध में शुक्रवार को मृतक के परिजनों और ओबीसी महासभा के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मेला ग्राउंड से नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने घेराव कर धरना दिया।
प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मध्यप्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम भी प्रेषित किया गया है। ज्ञापन में हत्या के सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल जेल भेजने की मांग की गई है।
आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से भविष्य में अपराधियों के हौसले टूटेंगे और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर रोक लगेगी। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए और जांच को निष्पक्ष तरीके से करने की मांग की।

थाना प्रभारी और आरक्षकों के निलंबन की मांग
प्रदर्शन के दौरान राजनगर थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग प्रमुखता से उठी। इसके साथ ही दो आरक्षकों—संजय सिंह परिहार और शिव कुमार पाल—को भी निलंबित करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये दोनों आरक्षक पिछले करीब 10 वर्षों से एक ही थाने में पदस्थ हैं, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई पर सवाल खड़े होते हैं।
मृतक की पत्नी का भावुक बयान
धरना स्थल पर मृतक संतोष पटेल की पत्नी का भावुक बयान सामने आया। उन्होंने कहा,
“मैं तो उसी दिन अपने पति के साथ मृत्यु शैय्या पर जान देना चाहती थी, लेकिन मेरे सास-ससुर और घरवालों ने मुझे रोका और कहा कि तुम्हें न्याय मिलेगा। आज मैं अपने बच्चों के साथ एसपी कार्यालय न्याय मांगने आई हूं। अगर आरोपियों के घरों पर बुलडोजर नहीं चला और राजनगर थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित नहीं किया गया, तो हम यहीं दिनभर बैठेंगे, चाहे जान ही क्यों न देनी पड़े।”
उनके इस बयान के बाद माहौल और भी भावुक हो गया।
पुलिस का पक्ष
मामले को लेकर खजुराहो एसडीओपी मनमोहन बघेल ने बताया कि ओबीसी महासभा और मृतक के परिजनों द्वारा अपनी मांगों को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को राउंडअप कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है और उन्हें जेल भेज दिया गया है।
एसडीओपी ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में जो भी वैधानिक कार्रवाई बनती है, वह नियमानुसार की जाएगी।
तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन
करीब कई घंटों तक चला यह प्रदर्शन पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों में भारी आक्रोश देखा गया। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।