दमोह। गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में शनिवार दोपहर सिख समाज द्वारा भव्य नगर कीर्तन निकाला गया। यह नगर कीर्तन मोरगंज गल्ला मंडी स्थित गुरुद्वारे से आरंभ हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ पुनः गुरुद्वारे पर आकर संपन्न हुआ। पूरे शहर में इस दौरान भक्तिमय और उत्सव का माहौल बना रहा।
सिख समाज के इंद्रजीत सिंह अरोरा ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व मनाया जाएगा। उसी की तैयारियों के तहत यह नगर कीर्तन आयोजित किया गया। नगर कीर्तन घंटाघर, बस स्टैंड सहित शहर के प्रमुख और व्यस्त इलाकों से होकर गुजरा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धा के साथ इसका स्वागत किया।
महिलाओं और पुरुषों की रही बड़ी सहभागिता
नगर कीर्तन में सिख समाज की महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में संगत गुरु साहिब की महिमा का गुणगान करती हुई चल रही थी। रास्ते भर विभिन्न समाजों और संगठनों के लोगों ने पुष्प वर्षा कर, जलपान की व्यवस्था कर नगर कीर्तन का स्वागत किया, जिससे आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का सुंदर दृश्य देखने को मिला।

हैरतअंगेज करतबों ने मोहा मन
नगर कीर्तन का सबसे बड़ा आकर्षण पंजाब से आए अखाड़े के कलाकार रहे। इन कलाकारों ने अपनी अद्भुत कला और साहस का प्रदर्शन करते हुए तलवारबाजी, गटका और आंखों पर पट्टी बांधकर नारियल फोड़ने जैसे रोमांचक और खतरनाक करतब दिखाए। कलाकारों के करतबों को देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर करतब पर दर्शकों ने तालियों और जयकारों से उत्साह बढ़ाया।
5 जनवरी को मनेगा मुख्य प्रकाश पर्व
प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में रविवार को भी गुरुद्वारे में विशेष दीवान सजाए जाएंगे और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 5 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व पूरे श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस दिन गुरुद्वारे में विशेष अरदास, कीर्तन और लंगर का आयोजन होगा।
नगर कीर्तन के माध्यम से सिख समाज ने गुरु गोविंद सिंह जी के बलिदान, शौर्य और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। पूरे आयोजन ने दमोह शहर में धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश की।