सागर। कैंट थाना पुलिस ने शनिवार को मोबाइल लूट की घटनाओं में शामिल एक गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो युवक बालिग हैं, जबकि एक आरोपी नाबालिग है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग वारदातों में लूटे गए 8 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक जब्त की है। फिलहाल आरोपियों से अन्य आपराधिक मामलों को लेकर पूछताछ जारी है।
कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि यह कार्रवाई एक मोबाइल लूट की शिकायत के बाद की गई। फरियादी मो. शाद पिता शहजाद, निवासी शनिचरी वार्ड ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 जनवरी को वह वात्सल्य स्कूल के मैदान में वॉलीबॉल खेलने गया था। खेल से पहले वह सड़क किनारे खड़े होकर अपने दोस्त से मोबाइल पर बात कर रहा था। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और अचानक उसका मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गए।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल मामला कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने भगवानगंज निवासी मटरू उर्फ अमित पिता कमल अहिरवार (उम्र 18 वर्ष), सौरभ पिता बलराम अहिरवार (उम्र 18 वर्ष) और एक 17 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया।

थाने लाकर की गई सघन पूछताछ में तीनों आरोपियों ने मोबाइल लूट की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने उनके पास से कुल 8 मोबाइल फोन बरामद किए, जो अलग-अलग घटनाओं में लूटे गए थे। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक क्रमांक एमपी 15 जेडके 2879 भी जब्त की गई।
थाना प्रभारी रोहित डोंगरे के अनुसार आरोपी राह चलते लोगों को निशाना बनाते थे। सुनसान या कम भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल पर बात कर रहे लोगों से मोबाइल छीनकर वे तुरंत बाइक से फरार हो जाते थे। लूटे गए मोबाइल फोन को आरोपी सस्ते दामों में बेच देते थे।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मटरू उर्फ अमित के खिलाफ पहले से ही 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि आरोपी सौरभ पर 2 अपराध दर्ज हैं। इससे साफ है कि दोनों आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों ने और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है तथा लूटे गए मोबाइल किन-किन लोगों को बेचे गए।
पुलिस ने बताया कि नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की आगे की जांच जारी है और संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान मोबाइल लूट की अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।