उज्जैन। जिले में आबकारी विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 हजार लीटर से अधिक पुरानी एवं अनुपयोगी देशी शराब को नष्ट किया गया। यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश की अनुमति के बाद की गई, जिसमें उज्जैन संभाग के विभिन्न वेयरहाउसों में लंबे समय से रखी मदिरा को नष्टीकरण के लिए चिह्नित किया गया था। नष्ट की गई शराब की कुल कीमत लगभग 94.72 लाख रुपए बताई जा रही है।
नोडल अधिकारी मुकेश रंधावा ने जानकारी देते हुए बताया कि तराना, उज्जैन, खाचरौद, महिदपुर और बड़नगर स्थित देशी मदिरा वेयरहाउस में काफी समय से पुराना एवं अनुपयोगी स्टॉक जमा था। गुणवत्ता में गिरावट और उपयोग के अयोग्य हो चुकी इस शराब को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के लिए विभागीय अनुमति प्राप्त की गई थी।

मंगलवार दोपहर एमआर-5 मक्सी रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पर समिति की मौजूदगी में नष्टीकरण की प्रक्रिया संपन्न हुई। यहां कुल 2 हजार 367.86 पेटियों में भरी 21 हजार 310.74 बल्क लीटर देशी मदिरा को जेसीबी मशीन की मदद से पूरी तरह नष्ट किया गया। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि मदिरा का दोबारा कोई दुरुपयोग न हो सके।

नष्टीकरण कार्रवाई समिति की कड़ी निगरानी में की गई। समिति की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजेश बोरासी ने की, जबकि सहायक आबकारी आयुक्त निधि जैन को समिति का सचिव नियुक्त किया गया। समिति में सहायक जिला आबकारी अधिकारी मुकेश रंधावा, ममता भवेल, विजय मेढा, जितेंद्र सिंह भदौरिया, संजय कुमार जैन एवं हिमांशु अग्रवाल सहित आबकारी उपनिरीक्षक मौजूद रहे। इसके अलावा मेसर्स एसोसिएटेड एल्कोहल्स एंड ब्रेवरीज, खोड़ीग्राम बड़वाह जिला खरगोन के अधिकृत प्रतिनिधि भी प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहे।
प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से न केवल सरकारी नियमों का पालन सुनिश्चित होता है, बल्कि अवैध बिक्री और शराब के दुरुपयोग की संभावनाओं पर भी प्रभावी रोक लगती है। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे भी वेयरहाउस में रखे गए पुराने एवं अनुपयोगी स्टॉक की नियमित समीक्षा कर आवश्यकतानुसार इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।