सागर। जिले में शासकीय स्कूलों में लापरवाही के दो अलग–अलग मामलों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संदीप जी.आर. ने कड़ा रुख अपनाया है। सागर विकासखंड के अंतर्गत आने वाली दो शासकीय प्राथमिक शालाओं के शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों ही मामलों में छात्रों की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई है।
छत का प्लास्टर गिरने से छात्र घायल
पहला मामला शासकीय प्राथमिक शाला गढ़ौलीखुर्द का है, जहाँ कक्षा में पढ़ाई के दौरान अचानक छत का प्लास्टर गिर गया। इस हादसे में कक्षा में अध्ययनरत एक छात्र को चोट आई। घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
मामले की जांच विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, जनपद शिक्षा केन्द्र सागर एवं उनकी टीम द्वारा की गई। जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि स्कूल भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी होने के बावजूद समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। जांच में प्राथमिक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक कृष्णा गुप्ता को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत उन्हें निलंबित कर दिया गया।
गणतंत्र दिवस पर पत्तल-दोने में भोजन, वीडियो वायरल

दूसरा मामला शासकीय प्राथमिक शाला बिहारीखेड़ा का है। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष भोज के दौरान बच्चों को पत्तल और दोने में भोजन परोसे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
कलेक्टर के निर्देश पर विकासखंड स्त्रोत समन्वयक और उनकी टीम ने स्कूल पहुंचकर जांच की। जांच प्रतिवेदन में शिकायत की पुष्टि हुई और यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों को सम्मानजनक व्यवस्था के बजाय अस्वीकार्य ढंग से भोजन कराया गया। इस मामले में संस्था के प्रधानाध्यापक रामप्रसाद शर्मा (मूल पद सहायक शिक्षक) को गंभीर लापरवाही का दोषी पाया गया।
कलेक्टर ने दिखाई सख्ती
दोनों ही मामलों में शिक्षकों के लापरवाहीपूर्ण आचरण को गंभीर मानते हुए कलेक्टर संदीप जी.आर. ने शिक्षा विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत कृष्णा गुप्ता और रामप्रसाद शर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई को जिले के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों को स्कूल भवनों की स्थिति, मध्यान्ह भोजन और कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में अन्य स्कूलों का भी औचक निरीक्षण किया जा सकता है।