अवैध शराब के खिलाफ अभियान के तहत आबकारी विभाग ने सिहोरा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। धनगवां गांव में की गई छापामारी के दौरान विभागीय टीम ने भारी मात्रा में अवैध शराब और महुआ लाहन बरामद किया, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। शराब बनाने और बेचने में शामिल आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापामारी
आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त को सूचना मिली थी कि धनगवां गांव में बड़ी मात्रा में हाथ भट्टी शराब बनाई जा रही है, जिसे आसपास के गांवों में सप्लाई किया जा रहा है।
सूचना के आधार पर शुक्रवार सुबह आबकारी टीम गांव पहुंची, लेकिन कार्रवाई से पहले ही शराब बनाने वाले आरोपी मौके से फरार हो गए।

पुरानी वेटरनरी बिल्डिंग से मिला अवैध जखीरा
गांव में सघन तलाशी के दौरान टीम का ध्यान वेटरनरी विभाग की पुरानी और जर्जर बिल्डिंग पर गया।
यह भवन बाहर से बंद था और इसमें ताला लगा हुआ था। पशु चिकित्सालय विभाग के कर्मचारियों की मदद से ताला खुलवाकर जब तलाशी ली गई, तो अंदर अवैध शराब का बड़ा भंडार मिला।
वृत प्रभारी आर.एस. मरावी ने बताया कि तलाशी के दौरान—
- 25 लीटर हाथ भट्टी शराब
- 70 प्लास्टिक डिब्बों में भरा लगभग 1050 किलो महुआ लाहन
बरामद किया गया।
मौके पर ही नष्ट किया गया महुआ लाहन
महुआ लाहन से नमूने लेकर उसे मौके पर ही जलाकर नष्ट कर दिया गया, ताकि उसका दोबारा उपयोग न हो सके।
आबकारी विभाग का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में लाहन मिलने से यह साफ है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब का निर्माण और कारोबार चल रहा था।

बड़ाखेड़ा गांव से भी शराब जब्त
कार्रवाई के दौरान ग्राम बड़ाखेड़ा में भी आबकारी टीम ने दबिश दी। यहां आरोपी मूर्त ठाकुर के घर से भी अवैध शराब बरामद की गई।
5 प्रकरण दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी
आबकारी विभाग ने इस मामले में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की
- धारा 34(1) क
- धारा 34(1) च
के तहत कुल 5 प्रकरण दर्ज किए हैं।
फिलहाल सभी फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

अवैध शराब पर सख्ती जारी
आबकारी विभाग का कहना है कि अवैध शराब न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। इसी कारण जिलेभर में लगातार छापामारी कर ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।