दतिया।
दतिया जिले में हार्वेस्टर मशीन के नाम पर फाइनेंस कंपनी से 15 लाख 50 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने शुक्रवार को तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपियों का विवरण
श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड द्वारा आवेदन पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी देवेश मिश्रा ने थाना सिविल लाइन को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। आरोप है कि सत्येंद्र कुमार राठौर (टेढ़ा मोहनपुर परसवाड़ा), सदाराम कुशवाहा (ग्राम राजरापुरा, आलमपुर, भिंड) और अमर एग्रो एजेंसी (पटियाला, पंजाब) के प्रोपराइटर अमरजीत सिंह ने आपसी मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर फाइनेंस कंपनी से हार्वेस्टर मशीन के लिए लोन स्वीकृत कराया।
कैसे हुई ठगी
28 दिसंबर 2023 को हार्वेस्टर मशीन मॉडल अमर 987 सेल्फ प्रोपेल्ड कंबाइन हार्वेस्टर के लिए 25.50 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत हुआ था। आरोपियों ने डिलीवरी चालान, गेट पास, बीमा, टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन और फोटो सहित दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके आधार पर कंपनी ने राशि जारी कर दी, लेकिन ऑडिट के दौरान सामने आया कि सभी दस्तावेज कूटरचित थे और संबंधित हार्वेस्टर मशीन का वास्तविक अस्तित्व ही नहीं था।
दस्तावेजों में छेड़छाड़ के संकेत

ऑडिट में यह भी पाया गया कि दस्तावेजों की तारीखों में गंभीर विरोधाभास है और प्रस्तुत फोटो में छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। जब कंपनी ने आरोपियों से संपर्क कर राशि लौटाने या मशीन देने को कहा, तो आरोपियों ने 15.50 लाख रुपए का चेक दिया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपियों ने स्पष्ट रूप से राशि लौटाने से इनकार कर दिया।
न्यायालय ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश
कंपनी ने पहले थाना सिविल लाइन और पुलिस अधीक्षक दतिया को शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय की शरण ली गई। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र के तत्व पाए और भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
पुलिस की जांच जारी
थाना सिविल लाइन पुलिस ने मामले को विवेचना में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि जांच के बाद आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जाएगी और विधि अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।