बेंगलुरु।
केरल और कर्नाटक के प्रमुख रियल एस्टेट कारोबारी और कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन सीजे रॉय (चिरियनकांडथ जोसेफ रॉय) ने शुक्रवार को बेंगलुरु में आत्महत्या कर ली। उन्होंने सेंट्रल बेंगलुरु स्थित रिचमंड सर्कल के पास कंपनी के ऑफिस में खुद को गोली मार ली। पुलिस के मुताबिक, यह घटना दोपहर करीब 3.15 बजे हुई।
पुलिस ने बताया कि पिछले तीन दिनों से आयकर (IT) विभाग की तलाशी और पूछताछ रॉय के ऑफिस में चल रही थी। आत्महत्या की जानकारी मिलते ही आयकर अधिकारी रेड की प्रक्रिया बीच में छोड़कर वहां से चले गए।
मौके पर IT अधिकारी मौजूद नहीं, पुलिस ने शुरू की जांच
बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, घटना के समय कोई भी आयकर अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस अब जांच के तहत आयकर विभाग से रेड और पूछताछ से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां, दस्तावेज और रिकॉर्ड मांगेगी।

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि यह तय किया जा रहा है कि मामले को अप्राकृतिक मौत के तौर पर दर्ज किया जाए या आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी धाराएं लगाई जाएं। पुलिस कमिश्नर ने पुष्टि की है कि कॉन्फिडेंट ग्रुप के एक डायरेक्टर ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करा दी है।
ऑफिस कैंपस से फॉरेंसिक सबूत जुटाए जा रहे हैं। कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि रिकॉर्ड और बयानों की जांच के बाद मामला और स्पष्ट होगा।
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का बयान
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन सीजे रॉय की मौत की हाई-लेवल जांच कराई जाएगी। सरकार सच्चाई का पता लगाएगी।”

तीन दिन से रोज पूछताछ, भाई ने लगाए गंभीर आरोप
जानकारी के मुताबिक, केरल आयकर विभाग की टीम पिछले तीन दिनों से सीजे रॉय के दफ्तर में कार्रवाई कर रही थी और उनसे रोज पूछताछ हो रही थी।
रॉय के बड़े भाई ने आरोप लगाया कि
“केंद्रीय एजेंसी के दबाव की वजह से मेरे भाई ने आत्महत्या की। आयकर अधिकारियों को जवाब देना होगा कि ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने यह कदम उठाया।”
भाई के अनुसार, सीजे रॉय पर किसी भी तरह का कोई कर्ज नहीं था। आयकर विभाग की टीम पहली बार 3 दिसंबर 2025 को केरल से बेंगलुरु आई थी और कुछ दिन वहीं रुकी थी। इसके बाद टीम 28 जनवरी को दोबारा आई और सीजे रॉय को दुबई से भारत बुलाया गया।

पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल पहुंचे परिजन
सीजे रॉय की मौत के बाद शनिवार को उनकी पत्नी लिनी रॉय और बेटा रोहित बेंगलुरु के बॉवरिंग अस्पताल स्थित पोस्टमॉर्टम सेंटर पहुंचे। परिवार गहरे सदमे में है। रॉय के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी रिया हैं।
9 हजार करोड़ की नेटवर्थ, आलीशान जीवनशैली
सीजे रॉय की कुल संपत्ति करीब 9,000 करोड़ रुपये बताई जाती है। उनके पास:
- एक प्राइवेट जेट
- 200 से ज्यादा लग्जरी कारें
- 12 रोल्स रॉयस
- बुगाटी वेरॉन
- फेरारी
- कोएनिगसेग अगेरा
- मैकलारेन
- लैम्बोर्गिनी हुराकैन और एवेंटाडोर
मूल रूप से केरल के रहने वाले सीजे रॉय का कारोबार कर्नाटक और दुबई तक फैला हुआ था। कॉन्फिडेंट ग्रुप केरल और कर्नाटक का एक प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर है।

13 साल की उम्र का अपमान, जिसने बनाई सफलता की जिद
सीजे रॉय अपनी जिंदगी की शुरुआत से जुड़ा एक किस्सा अक्सर साझा करते थे।
जब वे 13 साल के थे, तब बेंगलुरु के एक शोरूम में ‘डॉल्फिन’ कार देखने गए थे। वहां एक सेल्समैन ने यह कहकर उन्हें बाहर निकाल दिया—
“तू क्या कार खरीदेगा, चल निकल।”
इसी घटना के बाद उन्होंने ठान लिया था कि वे दुनिया की सबसे महंगी कारें खरीदेंगे।

बिना कर्ज खरीदा प्राइवेट जेट
सीजे रॉय ने 1994 में 1.10 लाख रुपये में मारुति 800 खरीदी थी, जिसे उन्होंने 1997 में बेच दिया।
36 साल की उम्र में, उन्होंने बिना किसी बैंक लोन के पहला प्राइवेट जेट खरीदा।
साल 2025 में उन्हें अपनी पहली उपलब्धि की याद आई और उन्होंने अपनी पहली कार को खोजने वाले के लिए 10 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की। दोस्तों की मदद से कार मिलने पर उन्होंने उसे दोबारा खरीद लिया।
“कार शौक है, असली दौलत जमीन है”
सीजे रॉय अक्सर कहा करते थे—
“1994 में एक कार की कीमत में 2 एकड़ जमीन आ जाती थी, जिसकी आज कीमत 20 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कारें शौक हैं, असली दौलत जमीन है।”