सागर कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट पर मंगलवार दोपहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब बड़ाकुआ (बड़कुआ) गांव के ग्रामीण मारपीट के एक मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पहुंचे। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कलेक्टर कार्यालय के गेट पर एकत्र हुए और नारेबाजी करने लगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में हुई मारपीट की शिकायत उन्होंने पहले ही बहेरिया थाने में दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण वे कलेक्टर कार्यालय में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे।
कार्यालय के अंदर जाने की कोशिश, पुलिस ने रोका

नारेबाजी के दौरान कुछ ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, कलेक्टर कार्यालय के अंदर जाने का प्रयास करने लगे। मौके पर तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
हालांकि, पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को संभाला और समझाइश देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
संत रविदास जयंती के दिन हुआ था विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में संत रविदास जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान झंडा लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस मारपीट में गांव के कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की, जिसकी शिकायत बहेरिया थाने में की गई, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अधिकारी ने सुनी बात, जांच का दिया भरोसा
हंगामे की सूचना मिलने पर प्रशासन की ओर से एक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांग सुनी। अधिकारी ने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय के गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए। अधिकारियों और पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हुई।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मारपीट के आरोपियों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच का भरोसा दिया है, और अब ग्रामीणों को पुलिस व प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार है।