पन्ना टाइगर रिजर्व से सटे गांव में खेत में काम कर रही बुजुर्ग महिला पर जंगली जानवर का हमला, हालत गंभीर !

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छतरपुर: जिले के किशनगढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। पल्कोहां गांव में खेत में काम कर रही 69 वर्षीय महिला पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया। महिला का दावा है कि उस पर शेर ने हमला किया था, हालांकि वन विभाग ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। गंभीर रूप से घायल महिला को छतरपुर जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया है।

खेत में घात लगाए बैठा था जंगली जानवर

घायल महिला की पहचान बेनी बाई अहिरवार (69) के रूप में हुई है। बेनी बाई ने बताया कि वह शाम के समय अपने सरसों के खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान फसल के बीच छिपे जंगली जानवर ने पीछे से अचानक हमला कर दिया।

महिला के अनुसार, जानवर ने उनकी साड़ी को मुंह से पकड़ लिया और उन्हें घसीटते हुए जंगल की ओर ले जाने लगा। हमले के दौरान महिला के पैरों में दांतों के गहरे निशान बन गए, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई।

चीख-पुकार से बची महिला की जान

हमले के समय बेनी बाई ने हिम्मत दिखाते हुए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया। उनकी आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाया। खुद को घिरा देख जंगली जानवर महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि कुछ मिनट और देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

एंबुलेंस नहीं मिली, निजी वाहन से पहुंचाया जिला अस्पताल

घटना के बाद परिजन महिला को बाइक से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके चलते महिला को निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। फिलहाल उनका इलाज ट्रॉमा वार्ड में जारी है।

बाघ या तेंदुआ? वन विभाग करेगा पुष्टि

इस मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला करने वाला जानवर बाघ था या तेंदुआ। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पगमार्क (पैरों के निशान) के आधार पर जानवर की पहचान करेगी।

जंगल से सटा गांव, ग्रामीणों में दहशत

ग्राम पल्कोहां पन्ना टाइगर रिजर्व के जंगलों के बीच स्थित है और केन–बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण गांव का विस्थापन प्रस्तावित है।
जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, चेतावनी सिस्टम और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है।

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