भोपाल।
मध्य प्रदेश में गेहूं समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन 7 फरवरी से शुरू होंगे। इस बार किसानों का पंजीयन पूरी तरह ऑनलाइन होगा। किसान अपने मोबाइल या सहकारी समितियों के माध्यम से नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, जबकि MP ऑनलाइन, कियोस्क या लोक सेवा केंद्र से पंजीयन कराने पर प्रति रजिस्ट्रेशन 50 रुपए तक फीस लगेगी।
रजिस्ट्रेशन कहां कर सकते हैं
किसान अपने पंजीयन के लिए निम्न विकल्प चुन सकते हैं:
- एमपी ऑनलाइन कियोस्क
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
- लोक सेवा केंद्र
- प्राइवेट साइबर कैफे
इनमें फीस प्रति रजिस्ट्रेशन लगभग 50 रुपए लगेगी।
सहकारी समितियां और मोबाइल एप:
- भोपाल में कुल 47 सहकारी समितियों में पंजीयन केंद्र स्थापित हैं।
- मोबाइल पर पंजीयन एप के माध्यम से रजिस्ट्रेशन नि:शुल्क होगा।

रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज
किसान को रजिस्ट्रेशन के समय निम्न दस्तावेज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा:
- जमीन की किताब (भू-अभिलेख)
- आधार कार्ड
- बैंक अकाउंट की पासबुक
महत्वपूर्ण:
- बैंक अकाउंट का आधार से लिंक होना जरूरी है। लिंक नहीं होने पर भुगतान अटक सकता है।
- किसान का पंजीयन तभी होगा जब भू-अभिलेख में दर्ज खाता, खसरा और आधार कार्ड का मिलान हो।
- किसी भी विसंगति की स्थिति में सुधार के लिए तहसील कार्यालय से संपर्क करना होगा।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में अन्य नियम
- गिरदावरी डेटा आधारित पंजीयन:
पंजीयन राजस्व विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध गिरदावरी आंकड़ों के आधार पर होगा। - फसल और रकबा में अंतर:
अगर पोर्टल पर पंजीयन के दौरान बोये गए रकबे या फसल में अंतर दिखे, तो संबंधित तहसीलदार से संशोधन कराया जा सकेगा। - मोबाइल OTP:
पंजीयन के लिए किसान के आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त होना अनिवार्य है। - भूमि एक ही जिले में अन्य गांव में:
किसान दूसरे ग्राम में अपनी भूमि का रकबा भी जोड़ सकते हैं। - भूमि किसी अन्य जिले में होने पर:
किसान अपनी सदस्य समग्र आईडी और आधार का उपयोग करके दूसरे जिले में भी पंजीयन करवा सकते हैं। - शामिलाती भू-स्वामी:
सभी हिस्सेदार अपने-अपने हिस्से में बोई गई फसल का पंजीयन करा सकेंगे। - सिकमी/बंटाईदार/वन पट्टाधारी किसान:
पंजीयन केवल सहकारी समिति के माध्यम से किया जा सकेगा।- वनाधिकार पट्टाधारी किसानों के लिए वनपट्टा अनिवार्य
- सिकमी/बंटाईदार किसानों के लिए सिकमी/बटाई अनुबंध 2 फरवरी 2026 से पहले पंजीकृत होना जरूरी
- मूल भू-स्वामी की मृत्यु:
वैध वारिस/उत्तराधिकारी के नाम भूमि का नामांतरण होने पर ही पंजीयन किया जाएगा।
किसानों के लिए संदेश
मध्य प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि सभी किसान अपने अधिकार सुनिश्चित करने के लिए समय पर पंजीयन करें, और आधार-बैंक लिंकिंग में कोई कमी न रहे।
- सहकारी समितियों और मोबाइल एप के जरिए नि:शुल्क पंजीयन सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है।
- एमपी ऑनलाइन, CSC और लोक सेवा केंद्र से पंजीयन कराने पर 50 रुपए फीस लगेगी।