ग्वालियर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शिवपुरी जिले के एक एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट की टिप्पणी के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने तत्काल प्रभाव से देहात थाना प्रभारी सहित पांच पुलिस अधिकारियों को लाइन अटैच कर दिया है।
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
युगल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामले में पुलिस की जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने वाली प्रतीत होती है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि अक्सर पुलिस केवल ड्राइवर या कैरियर को पकड़कर जांच को सीमित कर देती है, जबकि असली सरगना तक पहुंचने का गंभीर प्रयास नहीं किया जाता।
अदालत ने इसे जांच की गंभीर खामी बताते हुए सख्त रुख अपनाया।
1209 किलो पोस्त भूसी तस्करी का मामला
यह मामला 1209 किलोग्राम पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है, जो इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि:

- न तो माल भेजने वालों की जांच की गई,
- न ही माल प्राप्त करने वालों तक पहुंचने की कोशिश हुई,
- और सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि थाने से 62 सैंपल बैग गायब हो गए थे।
कोर्ट ने यह भी कहा कि जब्त मादक पदार्थ को ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत ही नहीं किया गया। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को जब्त सामग्री के निस्तारण की बात कही, जबकि सैंपल बैग पहले ही गायब पाए गए थे। अदालत ने इसे लापरवाही और संदिग्ध जांच का स्पष्ट संकेत माना।
विभागीय जांच के आदेश
हाईकोर्ट ने शिवपुरी एसपी को निर्देश दिया है कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच प्रारंभ की जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक उन्हें किसी भी थाने का प्रभार न दिया जाए।
कोर्ट ने तीन माह के भीतर शपथपत्र के साथ कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा प्रमुख सचिव (गृह), डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को आदेश दिया गया है कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में मुख्य सरगना (Apex Perpetrators) तक जांच सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिपत्र जारी किया जाए।
मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।
आरोपी को 15 साल की सजा
विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। आरोपी की सजा स्थगन की अर्जी बाद में वापस ले ली गई।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
एसपी अमन सिंह राठौड़ ने जिन अधिकारियों को लाइन अटैच किया है, उनमें शामिल हैं:
- जितेंद्र मावई – थाना प्रभारी, देहात
- उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव (गोवर्धन)
- हरिशंकर शर्मा – जेएसआई, कोतवाली
- उनि अंकित उपाध्याय (वर्तमान पदस्थापना – बालाघाट)
- निरीक्षक मनीष शर्मा (वर्तमान पदस्थापना – राजगढ़)
इसके अलावा एसएस जादौन और चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सभी के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हाईकोर्ट की इस सख्त टिप्पणी को एनडीपीएस मामलों में पुलिस जांच की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।