सागर में आवारा कुत्तों का आतंक: रोज औसतन 25 लोग शिकार !

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सागर। शहर में आवारा कुत्तों की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है। रोजाना औसतन 25 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। इनमें आवारा ही नहीं, पालतू कुत्तों के हमले भी शामिल हैं। मुख्य मार्गों से लेकर वार्डों की संकरी गलियों तक कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आते हैं। सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों को है, जो स्कूल या ट्यूशन के लिए निकलते समय दहशत में रहते हैं। गौवंश पर भी हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं।


मधुकर शाह वार्ड में CCTV में कैद दहशत

रविवार को मधुकर शाह वार्ड की यादव कॉलोनी से सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने हालात की भयावहता उजागर कर दी। फुटेज में एक बच्ची गली से निकलती है तो एक कुत्ता उसके पीछे दौड़ पड़ता है। लौटते समय बच्ची स्कूटी की ओट में छिपने की कोशिश करती है, लेकिन कुत्ता उस पर झपटता है और पीछे से उसकी फ्रॉक पकड़कर खींचने लगता है। तभी सामने से आई एक बड़ी लड़की के चिल्लाने पर कुत्ता पीछे हटता है।

इसी क्षेत्र के दूसरे फुटेज में कुत्ता घर से बाहर निकल रहीं छोटी बच्चियों पर झपटता दिखाई देता है। वहीं, एक अन्य दृश्य में चार कुत्ते मिलकर गाय के बछड़े पर हमला करते नजर आते हैं। हालात ऐसे हैं कि कई परिवार बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं।


केस-1: रॉटवीलर के हमले में 6 साल का बच्चा गंभीर

सदर के 15 मुहाल में 15 नवंबर को पालतू कुत्ते के हमले में 6 साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, तभी पड़ोसी का रॉटवीलर नस्ल का कुत्ता बाहर आ गया और उस पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे का सिर पकड़कर बुरी तरह झकझोर दिया। किसी तरह पिता और आसपास के लोगों ने बच्चे को छुड़ाया, लेकिन वह लहूलुहान हो चुका था। सिर में 22 टांके आए, 14 घंटे बाद होश आया और उसे आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।


केस-2: वल्लभनगर में युवक पर पालतू कुत्ते का हमला

वल्लभनगर वार्ड में अक्टूबर में एक युवक को पालतू कुत्ते ने काट लिया। युवक सरकारी कॉम्प्लेक्स जा रहा था, तभी एक घर का दरवाजा खुलते ही कुत्ता बाहर निकल आया और उस पर झपट पड़ा। बाएं हाथ की कलाई पर गहरा घाव हुआ। पीड़ित ने इलाज की मांग की, लेकिन कुत्ता मालिक ने जिम्मेदारी से इंकार कर दिया। बाद में मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।


हर वार्ड में बढ़ती शिकायतें

शहर के लगभग सभी वार्डों से कुत्तों के हमले और काटने की शिकायतें सामने आ रही हैं। रहवासी कॉलोनियों, बाजार क्षेत्रों और स्कूलों के आसपास कुत्तों के झुंड मंडराते रहते हैं। नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।


नागरिकों की मांग: ठोस कार्रवाई हो

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम को डॉग कंट्रोल अभियान तेज करना चाहिए, नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया नियमित हो तथा खतरनाक पालतू कुत्तों पर नियंत्रण के लिए सख्ती बरती जाए। साथ ही, कुत्ता मालिकों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, ताकि लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।

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