दमोह जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र के चौरई गांव में शुक्रवार शाम एक अनोखी घटना में करीब 6 एकड़ गेहूं की खड़ी फसल आग की भेंट चढ़ गई। बताया जा रहा है कि बिजली के तारों पर कौओं की आपसी लड़ाई के कारण हुए शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी सूखी फसल पर गिर गई, जिससे खेतों में आग लग गई। इस आगजनी में तीन किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब 5 बजे गांव के पास से गुजर रही बिजली लाइन पर कौओं का झुंड आपस में लड़ रहा था। इसी दौरान दो कौए आपस में उलझकर बिजली के तारों से टकरा गए, जिससे तारों के बीच शॉर्ट सर्किट हो गया। शॉर्ट सर्किट के दौरान निकली चिंगारी नीचे खेत में खड़ी सूखी गेहूं की फसल पर गिर गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।
तीन किसानों की फसल जलकर नष्ट

इस आगजनी में किसान ओमकार साहू, संतराम प्रजापति और सुनील त्रिपाठी की करीब 6 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग की वजह से खेत में रखे सिंचाई के करीब 50 पाइप और 6 नोजल भी पूरी तरह जल गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस घटना में किसानों को लगभग 3 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से बुझाई आग
आग लगते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने पानी और मिट्टी की मदद से कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। हालांकि जब तक आग बुझाई गई, तब तक फसल का बड़ा हिस्सा जल चुका था।
प्रशासन से मुआवजे की मांग

घटना के बाद प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि फसल पकने के समय यह नुकसान उनके लिए बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि पूरी मेहनत और लागत आग में जलकर नष्ट हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी और सूखी फसलों के मौसम में इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बिजली लाइनों की नियमित जांच और सुरक्षा के उपाय जरूरी हैं।