दतिया जिले में शनिवार से मौसम का मिजाज बदल गया है। आसमान में बादल छाने और हवा में नमी बढ़ने से न्यूनतम तापमान गिरकर 15.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो पिछले 24 घंटे में 1.3 डिग्री की कमी दर्शाता है। मौसम विभाग ने 15 मार्च को जिले में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक एसएन साहू के अनुसार वर्तमान में दो मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। एक तरफ पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, वहीं पूर्वोत्तर बिहार से विदर्भ तक एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। इन प्रणालियों के प्रभाव से आसमान में हल्के और पतले बादल दिखाई दे रहे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक 14 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ और अधिक प्रभावी होगा, जिसका असर 15 मार्च को जिले में देखने को मिल सकता है।
रबी फसलों पर संकट की आशंका

जिले में इस समय रबी फसलों की कटाई का काम तेज़ी से चल रहा है। कई क्षेत्रों में गेहूं, चना, सरसों और मटर की फसल पककर तैयार हो चुकी है और कुछ किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी है। ऐसे में अगर बारिश या तेज हवा चलती है, तो खेतों में खड़ी फसल आड़ी गिर सकती है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
किसानों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसान कटाई और भंडारण में विशेष सावधानी बरतें।
किसानों को सुझाव दिया गया है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और जरूरत पड़ने पर तिरपाल या अन्य व्यवस्था कर लें, ताकि संभावित बारिश से फसल भीगने से बचाई जा सके।
मौसम के अचानक बदलते रुख के कारण किसान फिलहाल चिंतित नजर आ रहे हैं और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं।