सागर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम बाग खैजरा में 14-15 मार्च की रात 25 साल पुरानी रंजिश के चलते 40 वर्षीय प्रदीप पांडेय की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस हमले में प्रदीप का 21 वर्षीय बेटा रचित गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका इलाज भोपाल में चल रहा है। इस मामले में पिता-पुत्र और एक नाबालिग आरोपी शामिल हैं।
घटना से जुड़ी जानकारी के अनुसार, 14 मार्च की रात ग्राम बाग खैजरा में एक शादी समारोह चल रहा था। इस समारोह में शामिल होने के लिए रामअवतार उर्फ बबलू पांडेय पहुंचे थे, जहां अनिल पांडेय भी मौजूद थे। इन दोनों के बीच करीब 25 साल पुरानी रंजिश रही थी। समारोह के दौरान दोनों के बीच कहासुनी और झूमाझटकी शुरू हो गई। इस झगड़े को देख मौके पर मौजूद लोगों ने बीचबचाव किया और मामला शांत कराया। इसके बाद बबलू पांडेय अपने घर चले गए।

लेकिन रास्ते में दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। प्रदीप पांडेय अपने बेटे रचित के साथ बम्होरी तिगड्डा की ओर जा रहे थे, तभी दोनों पक्ष आमने-सामने हुए। आरोपियों ने साइकिल की चेन और पत्थरों से हमला कर प्रदीप और रचित पर जमकर मारपीट की। मारपीट के दौरान प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके बेटे रचित की हालत गंभीर बनी रही और उसे इलाज के लिए भोपाल भेजा गया।
मृतक के भाई और फरियादी जितेंद्र पांडेय ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने कहा कि अनिल पांडेय, अभय पांडेय, शिवा पांडेय, प्रथम दुबे और एक नाबालिग ने पुरानी रंजिश के चलते प्रदीप और रचित के साथ मारपीट की थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें रवाना की गईं।
पुलिस ने मुखबिर और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से सागर और आसपास के इलाकों में दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी आनंद सिंह ठाकुर ने बताया कि 18 वर्षीय शिवा पांडेय, 45 वर्षीय अनिल पांडेय, 44 वर्षीय अभय पांडेय, 24 वर्षीय प्रथम दुबे और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के साथ पुलिस पूछताछ कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस हत्या की घटना स्थानीय समाज में गहरी चिंता और भय का माहौल पैदा कर चुकी है। घटना से स्पष्ट होता है कि लंबे समय तक चली रंजिश हिंसक रूप ले सकती है और इसे रोकने के लिए समय पर मध्यस्थता और कानून का हस्तक्षेप आवश्यक है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल और आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस हत्या ने स्थानीय समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पुरानी रंजिशों को समय रहते सुलझाने और विवादित व्यक्तियों पर नजर रखने की आवश्यकता होती है। पुलिस द्वारा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी ने राहत दी है, लेकिन परिवार और समाज पर इस घटना का गहरा असर पड़ा है।
इस हत्याकांड की जांच अभी जारी है। पुलिस आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि हत्या में शामिल अन्य लोगों और घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आ सके। साथ ही, घटना में इस्तेमाल हुई साइकिल की चेन और पत्थरों जैसे साक्ष्यों को भी सुरक्षित किया गया है, ताकि न्यायालय में उचित कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि कानून के अनुसार सभी आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। मृतक प्रदीप पांडेय के परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी रख रही है।
यह मामला सागर जिले में पुरानी रंजिशों और हिंसा के खतरे को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समाज में विवादों के समाधान के लिए पंचायत, मध्यस्थता और प्रशासनिक निगरानी महत्वपूर्ण हैं। इस घटना ने यह भी दिखाया कि तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की मदद से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में तेजी लाई जा सकती है।
इस हत्याकांड की गिरफ्तारी और जांच की प्रक्रिया समाज के लिए एक संदेश है कि हिंसा के रास्ते पर चलने वालों को कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा और न्याय प्रणाली के माध्यम से पीड़ितों को न्याय मिलेगा।