सागर में बिजली विभाग द्वारा बकाया बिलों की वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। मार्च माह के अंत में राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बिजली कंपनी लगातार कार्रवाई कर रही है। बकायादार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे हैं, लेकिन इसी बीच विवाद और अवैध गतिविधियों के मामले भी सामने आ रहे हैं।
पिछले दो दिनों में ऐसे दो प्रमुख मामले सामने आए हैं, जिनमें एक में उपभोक्ता ने बिजली कटने के बाद प्राइवेट व्यक्ति को बुलाकर कनेक्शन जोड़ने का प्रयास किया, जबकि दूसरे मामले में बिजली कंपनी की टीम और उपभोक्ता के बीच विवाद की स्थिति बन गई। दोनों ही मामलों में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का है, जहां एक उपभोक्ता पर 1 लाख 6 हजार 837 रुपए का बिजली बिल बकाया था। इस बकाया राशि के चलते बिजली कंपनी की टीम ने 19 मार्च को दोपहर करीब 12:15 बजे खंभे से उसका बिजली कनेक्शन काट दिया। कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद, जब कंपनी के लाइनमैन असीम बहना और आउटसोर्स कर्मचारी दोपहर 3:30 बजे लाइन की जांच करने पहुंचे, तो उन्होंने एक व्यक्ति को खंभे पर चढ़कर चालू लाइन से छेड़छाड़ करते हुए देखा।
पूछताछ में उस व्यक्ति ने अपना नाम महेंद्र भदौरिया (45 वर्ष) निवासी बाहुबली कॉलोनी बताया। वह निजी तौर पर कनेक्शन जोड़ने का प्रयास कर रहा था, जो न केवल अवैध है बल्कि बेहद खतरनाक भी है। बिजली कंपनी ने तत्काल उसे पकड़कर गोपालगंज थाना पुलिस के हवाले कर दिया, जहां उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चालू लाइन पर बिना अनुमति चढ़कर काम करना जानलेवा हो सकता है और यह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। कार्यपालन अभियंता इमरान खान ने बताया कि इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
दूसरा मामला लाजपतपुरा वार्ड का है, जहां बिजली कंपनी के लाइनमैन गोविंद राठौर अपनी टीम के साथ एक उपभोक्ता का कनेक्शन काटने पहुंचे थे। उपभोक्ता उमादेवी पर करीब 60 हजार रुपए का बिजली बिल बकाया बताया गया। आरोप है कि कनेक्शन काटने के दौरान उपभोक्ता और उनके पति ने टीम के साथ विवाद किया और पथराव भी किया।
हालांकि, उपभोक्ता उमादेवी ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनके बिजली बिल से संबंधित मामला मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता आयोग में लंबित है और अगली सुनवाई 14 मई को निर्धारित है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस संबंध में बिजली कंपनी को पहले ही सूचित कर दिया था, इसके बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वे और उनके पति बुजुर्ग हैं और उनके पति दिव्यांग हैं।
इस मामले में भी बिजली कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। दोनों घटनाएं यह दर्शाती हैं कि बिजली बिल वसूली के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है, खासकर जब उपभोक्ता और विभाग के बीच संवाद की कमी हो।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बकाया बिल का भुगतान समय पर करना जरूरी है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, उपभोक्ताओं को भी सलाह दी गई है कि यदि उनके बिल से संबंधित कोई विवाद है, तो वे कानूनी और वैध प्रक्रिया के तहत ही समाधान तलाशें।