सागर संभाग में स्वास्थ्य और महिला कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। संभागायुक्त अनिल सुचारी ने अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि चिकित्सक या मैदानी अमला अपने दायित्वों में उदासीनता बरतते पाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का परिणाममूलक और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
इस दौरान महिलाओं में बढ़ती एनीमिया की समस्या को विशेष रूप से गंभीरता से लिया गया। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि एनीमिक महिलाओं की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए आयरन सुक्रोज इंजेक्शन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने को कहा गया है, ताकि जरूरतमंद महिलाओं तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंच सके।
कमिश्नर ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति पर असंतोष जताया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि रोगी कल्याण समिति और जिला पोषण समिति की बैठकें नियमित रूप से निर्धारित समय पर आयोजित की जाएं। इन बैठकों में लिए गए निर्णयों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर लागू किया जाए।
श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान अंत्येष्टि सहायता योजना के लंबित मामलों पर भी नाराजगी जताई गई। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि जिन जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों में इस योजना की प्रगति धीमी है, वहां विशेष प्रयास कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए। उन्होंने वित्तीय वर्ष के अंत तक 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में राकेश शुक्ला, डॉ. पीएस ठाकुर और डॉ. नीना गिडियन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इस सख्त रवैये से यह साफ संकेत मिल रहा है कि प्रशासन अब स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति पूरी तरह गंभीर है। यदि इन निर्देशों का सही तरीके से पालन होता है, तो क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और महिलाओं के स्वास्थ्य स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।