भोपाल के कोलार रोड इलाके में एक कारोबारी को अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल कर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताते हुए धमकियां दीं। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार पार्वती नगर निवासी 42 वर्षीय गौरव जैन, जो रियल एस्टेट और सराफा कारोबार से जुड़े हैं, ने कोलार रोड थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 18 मार्च की रात करीब 10:30 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को “हैरी बॉक्सर” बताते हुए कहा कि वह गैंग से जुड़ा है और उन्हें 10 करोड़ रुपए तैयार रखने होंगे।
कॉलर ने गौरव जैन को धमकाते हुए यह भी कहा कि वह अपने परिचितों से मिल लें और इंटरनेट पर उसके बारे में जानकारी हासिल कर लें, ताकि उन्हें उसकी गंभीरता का अंदाजा हो सके। शुरुआत में कारोबारी ने इस कॉल को फर्जी समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन दो दिन बाद आई दूसरी कॉल ने उन्हें दहशत में डाल दिया।

20 मार्च की सुबह करीब 10:56 बजे एक अन्य अंतरराष्ट्रीय नंबर से फिर कॉल आया। इस बार आरोपी ने सीधे पैसे की मांग की और जब गौरव जैन ने इनकार किया तो गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने कहा कि यदि रकम नहीं दी गई तो उसके गुर्गे कहीं भी हमला कर सकते हैं और इसका अंजाम बेहद गंभीर होगा।
इतना ही नहीं, कॉल के बाद आरोपी की ओर से व्हाट्सऐप पर कई ऑडियो मैसेज भी भेजे गए, जिनमें लगातार धमकियां दी गईं। इन ऑडियो मैसेज में आरोपी ने यह दावा किया कि कारोबारी की रेकी की जा चुकी है और किसी भी समय उन पर हथियारों से हमला कराया जा सकता है। इन धमकियों से घबराकर गौरव जैन ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
कोलार रोड थाना पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(4) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सऐप कॉल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। इसके साथ ही पीड़ित द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑडियो मैसेज और स्क्रीनशॉट को भी जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नंबरों के उपयोग के कारण जांच जटिल हो सकती है, लेकिन साइबर सेल की मदद से कॉल की लोकेशन और संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने यह भी संभावना जताई है कि यह मामला किसी संगठित गैंग का हो सकता है या फिर गैंग के नाम का दुरुपयोग कर ठगी की कोशिश भी हो सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी इंदौर में इसी तरह का मामला सामने आ चुका है। साउथ तुकोगंज इलाके में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन को भी लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी दी गई थी। उस मामले में भी आरोपी ने खुद को “हैरी बॉक्सर” बताते हुए करोड़ों रुपए की फिरौती मांगी थी।
इंदौर मामले में कारोबारी ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। वहां भी आरोपी ने वॉइस मैसेज के जरिए धमकी दी थी और रकम नहीं देने पर हत्या की चेतावनी दी थी।
पिछले कुछ समय से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम देशभर में चर्चा में है। गैंग का सरगना फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन उसके सहयोगी सोशल मीडिया, कॉल, ईमेल और वॉइस नोट्स के जरिए धमकी और रंगदारी के मामलों को अंजाम दे रहे हैं।

हाल के महीनों में कई नामी हस्तियों और कारोबारियों को इस गैंग के नाम पर धमकियां मिल चुकी हैं। इनमें फिल्म और संगीत जगत से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार कई मामलों में यह भी पाया गया है कि असली गैंग की आड़ लेकर कुछ फर्जी लोग भी लोगों को डराकर पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे हैं।
भोपाल के इस मामले ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। कारोबारी वर्ग में इस घटना के बाद भय का माहौल है। स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की धमकी भरी कॉल या संदेश प्राप्त होता है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें और घबराएं नहीं। साथ ही, किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाले कॉल या मैसेज पर विश्वास करने से बचें।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की भी एक बड़ी चेतावनी है।