सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र में हुए जघन्य हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया। पत्नी की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर फरार हुए आरोपी को पुलिस ने घने जंगलों से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पुलिस की तत्परता और रणनीतिक कौशल एक बार फिर सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, 23 अप्रैल 2026 को ग्राम बोमा खजूरा में उस समय सनसनी फैल गई, जब आरोपी मोहन गौड़ (31 वर्ष) ने अपनी पत्नी देवकी की सोते समय कुल्हाड़ी से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। घटना की रिपोर्ट मृतका के परिजन द्वारा दर्ज कराई गई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था और अक्सर विवाद करता रहता था। घटना को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार होकर आसपास के घने जंगलों में छिप गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तत्काल विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने “ऑपरेशन विजयपुरा” चलाकर आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी स्थानीय भूगोल से परिचित होने के कारण लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जंगलों में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। कई घंटों की घेराबंदी और लगातार दबाव के चलते आखिरकार आरोपी को ग्राम विजयपुरा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि पत्नी पर शक के चलते उसने हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर खून से सनी कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है, जिसका उपयोग वारदात में किया गया था।
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी सुनील शर्मा, चौकी प्रभारी बलेह हरिसिंह तोमर, प्रधान आरक्षक अमित चौबे, आरक्षक सतीश, विनय पथरोल और चालक आरक्षक सुनील दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने लगातार मेहनत कर बिना रुके सर्चिंग अभियान चलाया, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना की गई है।
पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं है और कानून से बचना संभव नहीं है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि सागर पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त और सक्रिय है।