Madhya Pradesh में आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। Sanchi Dugdh Sangh ने दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। नए रेट 15 मई 2026 से लागू हो जाएंगे। इससे पहले राज्य में Amul और Mother Dairy भी दूध के दाम बढ़ा चुके हैं। लगातार बढ़ती लागत के कारण डेयरी कंपनियां कीमतों में इजाफा कर रही हैं, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
करीब एक साल बाद बढ़े सांची दूध के दाम
सांची दुग्ध संघ ने लगभग एक साल बाद दूध के दामों में वृद्धि की है। इससे पहले 7 मई 2025 को कीमतें बढ़ाई गई थीं। भोपाल दुग्ध संघ द्वारा गुरुवार को नए रेट का आदेश जारी किया गया। नई कीमतें शुक्रवार यानी 15 मई से लागू होंगी।
डेयरी अधिकारियों के अनुसार पशु आहार, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग सामग्री और ईंधन की लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते दूध उत्पादन और वितरण की लागत बढ़ गई है, जिससे दाम बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

भोपाल में सांची दूध की सबसे ज्यादा खपत
Bhopal में पैक्ड दूध के बाजार में सांची का सबसे बड़ा हिस्सा है। शहर में रोजाना करीब 7.5 लाख लीटर से अधिक सांची दूध की बिक्री होती है। यही कारण है कि कीमत बढ़ने का असर बड़ी संख्या में परिवारों पर पड़ेगा।
इसके मुकाबले अमूल की दैनिक खपत करीब 90 हजार लीटर बताई जाती है। वहीं सौरभ और श्रीधी ब्रांड की संयुक्त खपत शहर और ग्रामीण इलाकों को मिलाकर 1 लाख लीटर से अधिक है। मदर डेयरी की बिक्री मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों तक सीमित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भोपाल जैसे बड़े शहरों में मध्यम वर्गीय परिवार रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पैक्ड दूध पर निर्भर हैं। ऐसे में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी महीने के बजट पर असर डालेगी।
खुले दूध की बिक्री अब भी ज्यादा
हालांकि शहर में पैक्ड दूध की तुलना में खुले दूध की बिक्री अधिक बनी हुई है। अनुमान के मुताबिक भोपाल में प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर खुला दूध बिकता है। हाल ही में खुले दूध के दाम भी 2 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ाए गए थे।
खुले दूध की कीमतें अभी भी पैक्ड दूध से लगभग 10 रुपए प्रति लीटर तक कम हैं। यही कारण है कि निम्न और मध्यम आय वर्ग के कई परिवार आज भी खुले दूध को प्राथमिकता देते हैं।
लेकिन खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर खुले दूध पर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद कम कीमत के कारण इसकी मांग बनी हुई है।
अमूल और मदर डेयरी पहले ही बढ़ा चुके दाम
सांची से पहले अमूल और मदर डेयरी ने भी दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की थी। उनके नए रेट 14 मई से लागू हो चुके हैं। यानी गुरुवार से उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमत पर दूध खरीदना पड़ा।
Gujarat Cooperative Milk Marketing Federation, जो अमूल ब्रांड का संचालन करती है, ने कहा कि पशु आहार, बिजली, पैकेजिंग और ईंधन की लागत बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया। कंपनी के मुताबिक कीमतों में बढ़ोतरी 2.5% से 3.5% के बीच है।

अमूल ने मई 2025 के बाद पहली बार दूध के दाम बढ़ाए हैं। वहीं मदर डेयरी ने इससे पहले अप्रैल 2025 में कीमतों में इजाफा किया था।
आम परिवारों पर असर
दूध रोजमर्रा की जरूरत का सबसे महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ माना जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और चाय-कॉफी की दैनिक खपत के कारण लगभग हर परिवार को दूध खरीदना पड़ता है। ऐसे में लगातार बढ़ती कीमतें घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल रही हैं।
यदि किसी परिवार में रोज 3 से 4 लीटर दूध की खपत होती है, तो नई दरों के बाद मासिक खर्च में 180 से 240 रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह राशि महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर तब जब पहले से ही सब्जियां, गैस, बिजली और अन्य आवश्यक वस्तुएं महंगी हो चुकी हैं।
डेयरी उद्योग पर बढ़ता लागत दबाव
डेयरी उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में पशु पालन की लागत तेजी से बढ़ी है। पशुओं के चारे, भूसे और दवाइयों की कीमतें बढ़ने से दूध उत्पादकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
इसके अलावा डीजल और परिवहन खर्च बढ़ने से दूध संग्रहण और सप्लाई की लागत भी बढ़ी है। पैकेजिंग सामग्री की कीमतों में वृद्धि ने भी डेयरी कंपनियों की लागत बढ़ाई है। कंपनियों का तर्क है कि यदि समय-समय पर कीमतों में संशोधन नहीं किया जाए तो संचालन मुश्किल हो सकता है।
उपभोक्ताओं में नाराजगी
दूध के दाम बढ़ने के बाद उपभोक्ताओं में नाराजगी भी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रोजमर्रा की चीजें आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं।
कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार और डेयरी कंपनियों को कीमत बढ़ाने से पहले आम जनता की आर्थिक स्थिति पर भी विचार करना चाहिए। वहीं डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि किसानों और दुग्ध उत्पादकों को उचित मूल्य देना भी जरूरी है।
आने वाले समय में और बढ़ सकते हैं दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे माल और ईंधन की कीमतों में कमी नहीं आई, तो आने वाले महीनों में डेयरी उत्पादों के दाम और बढ़ सकते हैं। दूध के साथ-साथ दही, घी, पनीर और मक्खन जैसी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल 15 मई से लागू होने वाले नए रेट के बाद मध्य प्रदेश में दूध उपभोक्ताओं को हर लीटर पर 2 रुपए अधिक चुकाने होंगे। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच यह बढ़ोतरी आम जनता के लिए एक और आर्थिक चुनौती बनकर सामने आई है।