बीना: बीना के गढ़ा गांव में 14 फरवरी को होने वाली शादी से तीन दिन पहले लापता हुई युवती नंदनी लोधी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। परिजनों ने भाजपा मंडल अध्यक्ष के चचेरे भाई पर अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर युवती का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने परिजनों के आरोपों को गलत बताया है।
पीड़ित मां शारदा लोधी ने बीना एसडीओपी को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि 11 फरवरी को लोकेश उपाध्याय उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया। परिवार का कहना है कि आरोपी के रिश्ते भाजपा मंडल अध्यक्ष से जुड़े होने के कारण पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे वे तीन महीने से परेशान हैं।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि युवती की जबरन शादी कराई गई है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वहीं मामले में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें युवती नंदनी लोधी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। वीडियो में उसने कहा कि परिवार के लोग उस पर दबाव बना रहे थे और उसकी शादी किसी अन्य व्यक्ति से कराने की कोशिश की जा रही थी, जिससे बचने के लिए उसने अपनी मर्जी से घर छोड़ा और कोर्ट मैरिज की।
युवती ने यह भी दावा किया कि लोकेश उपाध्याय का इस मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है। वीडियो सामने आने के बाद मामला और अधिक उलझ गया है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं।

भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि लोकेश उपाध्याय उनके परिवार का सदस्य है, लेकिन उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दबाव के आरोपों को भी गलत बताया है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और युवती के वीडियो, परिजनों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर तथ्य स्पष्ट किए जाएंगे। फिलहाल मामला जांच के अधीन है।