मध्य प्रदेश के बीना क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुड़िया नायक रोड पर पुलिस ने एक सुनियोजित घेराबंदी के दौरान शराब से भरी एक बिना नंबर प्लेट की महंगी बाइक को पकड़ लिया। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में अवैध शराब भी जब्त की है, जिसकी बाजार में कीमत हजारों रुपये आंकी जा रही है।
यह पूरी कार्रवाई स्थानीय पुलिस को मिली एक पुख्ता मुखबिर सूचना के आधार पर की गई। सूचना में बताया गया था कि आगासौद की ओर से दो युवक बाइक पर भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर बीना की ओर आ रहे हैं। जानकारी को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी अनूप यादव ने तुरंत एक टीम गठित की और मुड़िया नायक रोड पर नाकाबंदी कर दी।
पुलिस टीम ने सड़क पर रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की और आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखना शुरू किया। कुछ ही समय बाद एक संदिग्ध बाइक तेजी से आती दिखाई दी, जिस पर दो युवक सवार थे। बाइक पर कोई नंबर प्लेट नहीं लगी थी, जिससे पुलिस को पहले ही शक मजबूत हो गया था।

जैसे ही पुलिस ने बाइक को रोकने का इशारा किया, दोनों युवक घबरा गए और भागने की कोशिश करने लगे। इस दौरान बाइक चला रहा युवक पुलिस की घेराबंदी में फंस गया, जबकि पीछे बैठा उसका साथी खेतों की ओर कूदकर फरार हो गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बाइक चालक को मौके पर ही पकड़ लिया।
गिरफ्तार युवक की पहचान प्रथम अग्निहोत्री (18 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने कई अहम जानकारियां दी हैं। वहीं उसका साथी, जो फरार हो गया, उसकी पहचान कनकटा उर्फ बिट्टू उर्फ केशव पटेल के रूप में की गई है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है।
पकड़ी गई बाइक की तलाशी लेने पर पुलिस को उस पर रखी एक बड़ी बोरी मिली। जब बोरी को खोला गया तो उसमें 7 कार्टूनों में भरी अवैध शराब बरामद हुई। इन कार्टूनों में कुल 346 पाव शराब पाए गए। पुलिस ने तुरंत सभी शराब को जब्त कर लिया और उसे थाने ले जाया गया।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि जब्त की गई शराब की कुल मात्रा लगभग 62.280 लीटर है। पुलिस के अनुसार, जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 30,850 रुपये है। हालांकि, परिवहन में इस्तेमाल की गई बाइक की कीमत लगभग 2 लाख रुपये बताई जा रही है, जो कि नई और बिना नंबर प्लेट वाली है। इससे यह संकेत मिलता है कि यह पूरा नेटवर्क किसी संगठित तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी प्रथम अग्निहोत्री की उम्र मात्र 18 वर्ष है और वह कम उम्र से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसे इस तस्करी में कौन शामिल कर रहा था और वह कितने समय से इस अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था।
थाना प्रभारी अनूप यादव ने बताया कि पुलिस को पहले से ही इलाके में अवैध शराब की आवाजाही की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई टीमों का गठन किया है। आसपास के गांवों, खेतों और संभावित छिपने के स्थानों पर लगातार तलाशी ली जा रही है। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिना नंबर की यह महंगी बाइक किसके नाम पर थी और इसे अवैध गतिविधियों में क्यों इस्तेमाल किया जा रहा था।
स्थानीय स्तर पर इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब की सप्लाई की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन अब पुलिस की सक्रियता से ऐसे मामलों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ एक छोटा मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क हो सकता है जो ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब की सप्लाई करता है। इसी वजह से पुलिस अब इस पूरे मामले को गहराई से जांच रही है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि पुलिस की सतर्कता और मुखबिर तंत्र की मदद से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि फरार आरोपी कब तक पुलिस की गिरफ्त में आता है और इस तस्करी नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं।