दमोह। दमोह जिले के तेंदूखेड़ा स्थित एक निजी स्कूल के सात वर्षीय छात्र की भोपाल में इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद मामला गंभीर हो गया है। शनिवार सुबह परिजन बच्चे का शव लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और स्कूल की शिक्षिका पर मारपीट कर बच्चे की जान लेने का आरोप लगाया। परिजनों ने दोषी शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर जांच शुरू कर दी है।

मृत छात्र की पहचान Kavya Namdev के रूप में हुई है। वह तेंदूखेड़ा स्थित IES Public School में तीसरी कक्षा का छात्र था। परिजनों का आरोप है कि शिक्षिका द्वारा की गई पिटाई के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़नी शुरू हुई थी और करीब दो महीने तक कोमा में रहने के बाद उसकी मौत हो गई।
“होमवर्क नहीं करने पर स्केल से पीटा”
मृतक के मामा Hemant Namdev ने बताया कि घटना 19 फरवरी की है। उनके अनुसार स्कूल की शिक्षिका Devindri Thakur ने होमवर्क पूरा नहीं करने पर बच्चे को हाथ, पैर और सिर पर स्केल से मारा था।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिटाई के बाद बच्चे को तेज बुखार आने लगा और उसने खाना-पीना बंद कर दिया। जब हालत बिगड़ी तो परिवार उसे तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल रेफर कर दिया गया।
MRI रिपोर्ट में सूजन आने का दावा
परिजनों का कहना है कि भोपाल स्थित चिरायु अस्पताल में कराई गई एमआरआई जांच में बच्चे के सिर में सूजन पाई गई थी। उनका आरोप है कि यह सूजन मारपीट के कारण हुई थी।
इसके बाद बच्चे को जबलपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां लगभग 10 दिन तक इलाज चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में उसे AIIMS Bhopal में भर्ती कराया गया, जहां करीब दो महीने तक उसका उपचार चलता रहा। शुक्रवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शव लेकर पहुंचे एसपी कार्यालय
बच्चे की मौत के बाद शनिवार सुबह परिजन शव लेकर दमोह एसपी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि पहले दर्ज की गई शिकायत में आरोपी का नाम कमजोर कर दिया गया था और मामले में गंभीरता से जांच नहीं की गई।

मामा हेमंत नामदेव ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही तेंदूखेड़ा थाने, कलेक्टर, एसपी और जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दी थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अब बच्चे की मौत के बाद परिवार न्याय चाहता है।
पुलिस ने गठित की SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आया। Manish Kumar ने बताया कि परिजनों के एसपी कार्यालय पहुंचने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पैनल के माध्यम से पोस्टमार्टम कराया जाएगा ताकि मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच हो सके। इसके अलावा पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन ने दी सफाई
वहीं स्कूल संचालक Vikram Singh ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि घटना सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने तत्काल संबंधित शिक्षिका को नौकरी से हटा दिया था।
उन्होंने कहा कि जब बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो स्कूल प्रबंधन ने परिवार का हर संभव सहयोग किया। भोपाल में इलाज के दौरान आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि बच्चे की मौत से स्कूल प्रबंधन भी दुखी है और वे चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।

स्कूल संचालक ने यह भी कहा कि प्रारंभिक बातचीत में परिजनों ने किसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की बात नहीं कही थी, लेकिन अब मामला संवेदनशील हो चुका है और जांच एजेंसियां इसकी पड़ताल कर रही हैं।
पहले दर्ज हुआ था मारपीट का मामला
Ravindra Bagri ने बताया कि घटना के समय शिक्षिका के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच रिपोर्ट अभी पुलिस को प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने स्कूलों में बच्चों के साथ व्यवहार और अनुशासन के नाम पर होने वाली मारपीट को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के साथ हिंसक व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण होना चाहिए, जहां उन्हें भय नहीं बल्कि प्रोत्साहन मिले। यदि किसी शिक्षक द्वारा शारीरिक दंड दिया जाता है, तो उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
परिजनों को न्याय की उम्मीद
फिलहाल पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजन न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई चाहते हैं। पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और SIT जांच के आधार पर मामले की सच्चाई सामने लाने में जुटी है।
बच्चे की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और लोग इस घटना को बेहद दुखद बता रहे हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।