सागर में कृषि रथ अभियान की शुरुआत, गांव-गांव पहुंचेंगी आधुनिक खेती की तकनीक और योजनाएं !

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सागर जिले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और कृषि आधारित आय बढ़ाने के उपायों से जोड़ने के उद्देश्य से “कृषि रथ अभियान” का शुभारंभ किया गया। मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत अब कृषि विभाग सीधे गांवों तक पहुंचकर किसानों को वैज्ञानिक खेती की जानकारी देगा।

Ravindra Bhavan में आयोजित किसान संगोष्ठी एवं शुभारंभ कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ Lata Wankhede के मुख्य आतिथ्य में, Shailendra Jain एवं Pradeep Laria के विशिष्ट आतिथ्य तथा Hira Singh Rajput की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सांसद एवं विधायकों ने विकासखंड सागर और राहतगढ़ के कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

30 मई तक चलेगा अभियान

कृषि रथ अभियान 16 मई से 30 मई 2026 तक जिले की सात विधानसभाओं के अंतर्गत आने वाले 11 विकासखंडों में संचालित किया जाएगा। प्रतिदिन तीन से चार पंचायतों में पहुंचकर यह कृषि रथ किसानों को कृषि विभाग एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं, तकनीकी सलाह और नवाचारों की जानकारी देगा।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों तक सीधे पहुंचकर उन्हें आधुनिक खेती, वैज्ञानिक तकनीक, फसल प्रबंधन और आय बढ़ाने के उपायों के बारे में जागरूक करना है। कृषि रथ में शामिल तकनीकी दल, कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी और प्रगतिशील किसान गांव-गांव जाकर किसानों को खेती से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन देंगे।

किसानों को मिलेगी वैज्ञानिक खेती की जानकारी

अभियान के दौरान किसानों को फसल उत्पादन, उन्नत बीज चयन, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, रोग एवं कीट नियंत्रण, पोषक तत्व प्रबंधन, सिंचाई प्रबंधन और कृषि यंत्रीकरण जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

कृषि रथ के माध्यम से किसानों को ई-विकास प्रणाली के जरिए उर्वरक वितरण व्यवस्था, फसल विविधीकरण, लाभकारी फसल चयन तथा एकीकृत पोषक तत्व एवं कीट प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि-आधारित उद्यमिता, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों पर भी फोकस किया जाएगा।

अतिथियों ने किसानों को किया प्रेरित

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जल संसाधन प्रबंधन को किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में नई तकनीक और बेहतर जल प्रबंधन किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

विधायक प्रदीप लारिया ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 और कृषि रथ अभियान को किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि सरकार किसानों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया।

सांसद लता वानखेड़े ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ किसानों को नई तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह से जुड़ना जरूरी है। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए किसानों को नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

तकनीकी सत्र में दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

कृषि रथ रवाना किए जाने के बाद रविंद्र भवन में तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी, उन्नत बीजों के उपयोग, उर्वरक प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा प्राकृतिक खेती के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपाय भी बताए। किसानों ने अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं को वैज्ञानिकों के समक्ष रखा, जिनका समाधान मौके पर किया गया।

कई विभागों की रहेगी सहभागिता

कृषि रथ अभियान में कृषि विभाग के साथ उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और सहकारिता विभाग भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। किसानों को बागवानी फसलें, सब्जी उत्पादन, फलोद्यान, डेयरी विकास, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन और आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी।

अभियान के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यापक तैयारियां की गई हैं। इस पहल को खेती को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बड़ी संख्या में पहुंचे किसान और अधिकारी

कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि Rajesh Tripathi, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीसीबी नीरज दुरेजा, कृषि विज्ञान केंद्र सागर एवं देवरी के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. के.एस. यादव और डॉ. आशीष त्रिपाठी, परियोजना संचालक आत्मा एम.के. प्रजापति, उपसंचालक उद्यानिकी पी.एस. बडोले, सहायक संचालक पशुपालन डॉ. वी.एस. ठाकुर तथा मत्स्य पालन विभाग के आर.एम. प्रजापति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सागर और राहतगढ़ विकासखंडों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन जय दत्त शर्मा, सहायक संचालक कृषि द्वारा किया गया, जबकि अंत में उपसंचालक कृषि ने सभी अतिथियों और किसानों का आभार व्यक्त किया।

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