सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां किराए के कमरे में 29 वर्षीय सरकारी शिक्षिका पूनम अहिरवार का खून से लथपथ शव मिला, जबकि उसके ऊपर अंबिकेश गौतम नाम का युवक फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। कमरे से खून और बाल चिपका एक तवा भी बरामद हुआ है, जिसे कथित रूप से तीसरी मंजिल से नीचे फेंका गया था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक ने पहले युवती की हत्या की और बाद में खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि मृतका के पिता ने इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज करते हुए हत्या में किसी तीसरे व्यक्ति के शामिल होने की आशंका जताई है।
कमरे का ताला तोड़ने पर सामने आया भयावह दृश्य
जानकारी के मुताबिक रीवा जिले के बेला गांव निवासी अंकितेश गौतम पिछले तीन वर्षों से सतना में किराए के कमरे में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। करीब दो महीने पहले उसका छोटा भाई अंबिकेश गौतम नौकरी लगने के बाद उसके साथ रहने आया था।
15 मई की शाम अंकितेश जब कमरे पर पहुंचा तो बाहर से ताला लगा हुआ मिला। उसने सोचा कि भाई कहीं बाहर गया होगा, लेकिन रात करीब 8 बजे दोबारा लौटने पर भी दरवाजा बंद मिला। इसी दौरान उसे कमरे के अंदर कूलर चलने की आवाज सुनाई दी।

अंकितेश ने जब अपने भाई अंबिकेश को फोन लगाया तो मोबाइल की घंटी कमरे के अंदर से सुनाई दी। इससे उसे शक हुआ। उसने खिड़की से अंदर झांका तो भाई को फंदे पर लटका देखा। घबराए अंकितेश ने मकान मालिक की मदद से दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सभी दंग रह गए।
कमरे में फर्श पर एक युवती का खून से सना शव पड़ा था, जबकि उसके ऊपर अंबिकेश का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। कमरे में खून फैला हुआ था और आसपास सामान बिखरा पड़ा था।
सरकारी शिक्षिका थी मृतका
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान युवती की पहचान आधार कार्ड और आईडी के जरिए पूनम अहिरवार के रूप में हुई। वह अनूपपुर जिले के कोतमा की रहने वाली थीं और बाणसागर देवलोंद क्षेत्र में वर्ग-1 की सरकारी शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं।
पुलिस ने मौके से कई अहम सबूत जुटाए हैं। घटनास्थल से एक तवा भी बरामद हुआ है, जिस पर खून और बाल चिपके हुए थे। बताया जा रहा है कि यह तवा तीसरी मंजिल से नीचे फेंका गया था। पुलिस को शक है कि इसी से हमला किया गया हो सकता है।
पिता ने पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल
मृतका के पिता शिवकुमार अहिरवार ने पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि उनकी बेटी 14 मई को भोपाल जाने की बात कहकर घर से निकली थी। उसने घर की अलमारी से करीब दो हजार रुपए लिए थे और स्टेशन जाने की जानकारी दी थी।

परिजनों के अनुसार उन्हें यह नहीं पता था कि वह सतना कैसे पहुंची और अंबिकेश गौतम से उसका क्या संबंध था। पिता का कहना है कि वे उस युवक को जानते तक नहीं थे।
उन्होंने मामले में तीन बड़े सवाल खड़े किए हैं। पहला, उनकी बेटी का कथित तौर पर एक शादीशुदा फल व्यापारी विनोद गुप्ता से संबंध था, इसलिए उन्हें उस व्यक्ति पर शक है। दूसरा, जिस व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दिए बिना दरवाजा तोड़ा, उसकी भूमिका भी संदिग्ध लगती है। तीसरा, हत्या में इस्तेमाल असली हथियार अब तक बरामद नहीं हुआ है।
CCTV में युवक के साथ दिखी शिक्षिका
पुलिस को मकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी मिली है। फुटेज के अनुसार 14 मई की रात करीब 10:35 बजे पूनम अहिरवार और अंबिकेश गौतम एक साथ कमरे की ओर जाते दिखाई दिए हैं। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पहले से परिचित थे।
पुलिस अब दोनों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से कई नमूने एकत्र किए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
कई एंगल से जांच कर रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। शुरुआती तौर पर यह मामला हत्या और आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और अन्य परिस्थितियों को भी गंभीरता से जांच में शामिल किया गया है।

घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम का माहौल है। पोस्टमॉर्टम के दौरान अस्पताल के बाहर दोनों पक्षों के परिजन मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
फिलहाल इस सनसनीखेज मामले ने पूरे सतना जिले में चर्चा और रहस्य का माहौल बना दिया है।