सागर। जिले में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मई माह में पहली बार तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सोमवार को सागर का अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार बढ़ती गर्मी और लू के कारण लोग दिन ही नहीं बल्कि रात में भी परेशान हैं।
सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगा है। सुबह 8:30 बजे के बाद ही सूरज की किरणों में चुभन महसूस होने लगी और दोपहर होते-होते हालात और गंभीर हो गए। तेज गर्म हवाओं और झुलसाने वाली धूप के कारण दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक भीषण गर्मी और लू का असर बना रहेगा। विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहेगा। इस दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लू और गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की अपील की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लू लगने पर व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर लिटाना चाहिए और उसके कपड़े ढीले कर देने चाहिए।
प्रभावित व्यक्ति को पानी, ओआरएस, छाछ, नींबू पानी या कच्चे आम का पना जैसे पेय पदार्थ देना लाभकारी होता है। शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां रखनी चाहिए और गंभीर स्थिति होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।

विशेषज्ञों ने बताया कि सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी, अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी महसूस होना, शरीर में ऐंठन, बेहोशी और नब्ज का असामान्य होना लू के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
पर्याप्त पानी पिएं, सूती कपड़े पहनें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी है, भले ही प्यास न लगे। यात्रा के दौरान पानी साथ रखने और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने को कहा गया है। साथ ही छाछ, लस्सी, नींबू पानी, ओआरएस और आम का पना जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।

धूप में निकलते समय सिर को ढंककर रखने, टोपी, गमछा या छतरी का उपयोग करने तथा सूती और ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। उच्च जल मात्रा वाले मौसमी फल और सब्जियों का सेवन भी लाभकारी बताया गया है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें। खाली पेट घर से बाहर न जाएं और मसालेदार या बासी भोजन से परहेज करें। अचानक एयर कंडीशनर या कूलर से निकलकर तेज धूप में जाने से भी बचना चाहिए।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि उनमें लू का खतरा अधिक रहता है। नंगे पैर बाहर निकलने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर अधिक समय बिताने से भी बचने की सलाह दी गई है।
भीषण गर्मी के इस दौर में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं, ताकि लू और गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।