दमोह। जिले के जबेरा जनपद स्थित महादेव घाट पर स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा खंडित मिलने के बाद आदिवासी समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है। घटना की जानकारी सामने आते ही क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया और समाज के लोगों ने प्रतिमा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
बताया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी द्वारा महादेव घाट पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित कराई गई थी। सोमवार को गोंड महासभा की बैठक समाप्त होने के बाद समाज के लोग घाट पर दर्शन करने पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त अवस्था में है।

प्रतिमा टूटी होने की खबर तेजी से फैल गई और इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। घटना के बाद आदिवासी समाज के लोगों में आक्रोश बढ़ गया और लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीर जांच की मांग की।
सांसद ने सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
मामला तूल पकड़ने के बाद सांसद राहुल सिंह लोधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को अपना आराध्य बताते हुए कहा कि समाज की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा।
सांसद ने आश्वासन दिया कि 14 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती से पहले वहां नई प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील भी की।
30 लाख रुपए से होगा विकास कार्य
सांसद राहुल सिंह लोधी ने बताया कि मंत्री धर्मेंद्र सिंह के सहयोग से महादेव घाट क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इसके तहत लगभग 30 लाख रुपए की लागत से बाउंड्री वॉल, सजावट और अन्य विकास कार्य किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य पूरे होने के बाद नई प्रतिमा का अनावरण राज्यपाल के हाथों कराया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर भी इस दिशा में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
आदिवासी समाज ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
गोंड समाज महासभा के युवा उपाध्यक्ष दिनेश कुमार परस्ते ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि केवल प्रतिमा स्थापित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी सुरक्षा और नियमित देखरेख भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज की भावनाओं को आहत करती हैं। प्रशासन को चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही नोहटा थाना प्रभारी अभिषेक पटेल ने पुलिस टीम को मौके पर भेजा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि प्रतिमा संभवतः किसी प्राकृतिक कारण से क्षतिग्रस्त हुई हो सकती है। हालांकि पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से कहा जा सकेगा कि प्रतिमा किन कारणों से खंडित हुई। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है।
भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रेरणास्रोत माने जाते हैं। ऐसे में उनकी प्रतिमा खंडित होने की घटना ने समाज के लोगों की भावनाओं को गहराई से प्रभावित किया है।