सागर। पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिन पर आयोजित चार दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर ने इस वर्ष नया इतिहास रच दिया। इस बार आयोजित शिविर में पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए और कुल 2221 यूनिट रक्तदान एकत्रित किया गया। वहीं उनके पुत्र अविराज सिंह के जन्मदिन पर हुए रक्तदान को जोड़ दें तो पिछले 12 वर्षों में इस अभियान के माध्यम से कुल 15,903 यूनिट रक्त सरकारी अस्पतालों को सौंपा जा चुका है। यह रक्तदान अभियान अब केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में मानव सेवा का एक बड़ा जनआंदोलन बन चुका है।
होटल ग्रैंड दीपाली के सिग्नेचर हॉल में आयोजित इस विशाल रक्तदान शिविर की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सागर जिला ब्लड बैंक में पर्याप्त स्थान नहीं होने के कारण सागर संभाग के कई जिलों से ब्लड बैंक की टीमें रक्त संग्रह करने पहुंचीं। सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, दमोह और विदिशा जिला अस्पतालों के अलावा भोपाल के हमीदिया अस्पताल और गांधी मेडिकल कॉलेज के संयुक्त ब्लड बैंक की टीमों ने भी यहां से रक्त संग्रह किया। रक्त की थैलियां सौंपते समय पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने रक्तदाताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए रक्त यूनिट्स को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

चार दिवसीय रक्तदान शिविर के समापन दिवस का शुभारंभ संत महंत केशव गिरि जी महाराज, गुरुद्वारा सागर के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरबचन सिंह एवं दिगंबर जैन समाज के पंडित राजकुमार शास्त्री की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर संत महंत केशव गिरि जी महाराज ने रक्तदान शिविर को “महादान का महाकुंभ” बताते हुए कहा कि समाज में अनेक प्रकार के दान हैं, लेकिन रक्तदान ऐसा दान है जो सीधे किसी व्यक्ति के जीवन की रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि भूपेन्द्र सिंह ने अपने जन्मदिन को मानव सेवा से जोड़कर समाज के सामने अनुकरणीय परंपरा स्थापित की है।
महंत केशव गिरि ने कहा कि 12 वर्ष पहले लगाया गया यह सेवा का पौधा अब विशाल वटवृक्ष बन चुका है और हजारों लोग इस अभियान से जुड़कर जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई “परहित सरिस धर्म नहिं भाई” का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि जो व्यक्ति किसी अनजान जरूरतमंद के जीवन को बचाने के लिए रक्तदान करता है, वह वास्तव में मानवता की सर्वोच्च सेवा करता है।

गुरुसिंह सभा सागर के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरबचन सिंह ने भी इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि भूपेन्द्र सिंह ने रक्तदान को जनसेवा का माध्यम बनाकर समाज को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में व्यस्त रहने के बावजूद वे लगातार ऐसे सेवा कार्यों से जुड़े हुए हैं, जो सीधे मानव जीवन से संबंधित हैं। उन्होंने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, स्वयंसेवकों और सभी रक्तदाताओं के सामूहिक योगदान की भी प्रशंसा की।
समापन समारोह में पंडित राजकुमार जैन ने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “परोपकाराय वहन्ति नद्यः” का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे नदियां, वृक्ष और गौमाता दूसरों के कल्याण के लिए अपना अस्तित्व समर्पित करती हैं, वैसे ही भूपेन्द्र सिंह का जीवन समाज सेवा को समर्पित दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि जन्मदिन मनाने की वास्तविक सार्थकता मानव सेवा से जुड़े कार्यों में ही होती है।
सात जिलों और दो मेडिकल कॉलेजों को मिला रक्त
इस विशाल रक्तदान शिविर में एकत्रित 2221 यूनिट रक्त को सागर जिला चिकित्सालय के साथ-साथ पन्ना, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़ एवं विदिशा जिला अस्पतालों को सौंपा गया। इसके अलावा भोपाल के हमीदिया अस्पताल एवं गांधी मेडिकल कॉलेज की टीमों ने भी बड़ी मात्रा में रक्त संग्रह किया। चौथे दिन छतरपुर जिला अस्पताल को 100 यूनिट, पन्ना को 100 यूनिट, विदिशा को 167 यूनिट तथा खुरई सिविल अस्पताल ब्लड बैंक को 50 यूनिट रक्त प्रदान किया गया। वहीं भोपाल की मेडिकल टीम को 275 यूनिट ब्लड सौंपा गया। इससे पहले तीसरे दिन दमोह जिला अस्पताल को 55 यूनिट और टीकमगढ़ जिला अस्पताल को 75 यूनिट रक्त दिया गया था।

बीएमसी में बनेगा 5000 यूनिट क्षमता वाला अत्याधुनिक ब्लड बैंक
पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने शिविर के मंच से बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सागर जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) को हस्तांतरित करने का आदेश जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बीएमसी में 5000 यूनिट क्षमता वाले आधुनिक ब्लड बैंक के लिए 5.75 करोड़ रुपए की स्वीकृति पहले ही प्रदान कर दी है। यह ब्लड बैंक अत्याधुनिक सुविधाओं और सेपरेशन यूनिट से सुसज्जित होगा।
पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

रक्तदाताओं का आभार, 20 मई को होगा रक्तार्पण समारोह
समापन दिवस पर भूपेन्द्र सिंह ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “मैं आप सभी का ऋणी हो गया हूं।” उन्होंने 20 मई की शाम होटल ग्रैंड दीपाली में आयोजित सहभोज, सांस्कृतिक एवं रक्तार्पण समारोह में सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और आयोजन समिति के सदस्यों को आमंत्रित किया। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ एवं फूल-मालाएं लेकर न आएं।
परिवार से लेकर समाज तक बना सेवा का कारवां

रक्तदान शिविर के चौथे दिन पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह की बेटी काजल सिंह प्रथम रक्तदाता रहीं, जबकि अंतिम रक्तदाता उनके पुत्र अविराज सिंह बने। इस दौरान समाज के विभिन्न वर्गों, सामाजिक संगठनों, भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने बड़ी संख्या में रक्तदान किया। कई लोगों ने अपने साथियों और समर्थकों को प्रेरित कर सामूहिक रूप से रक्तदान कराया। क्षत्रिय महासभा, भाजपा कार्यकर्ताओं, पार्षदों, सामाजिक संगठनों और पत्रकारों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने इस अभियान में भागीदारी निभाई।
चार दिवसीय यह रक्तदान शिविर केवल रक्त संग्रह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मानवता, सेवा और सामाजिक सहभागिता का ऐसा संदेश दे गया जिसने पूरे क्षेत्र में नई प्रेरणा पैदा की है।