Sagar के कैंट थाना क्षेत्र में बुधवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। नेशनल हाईवे-44 पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो छात्रों को पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र संजय रजक (20) निवासी सेमरा हार्ट और नितिन अहिरवार (20) निवासी कोलुआ बुधवार दोपहर बाइक से कॉलेज जा रहे थे। दोनों बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र थे और रोजाना गांव से सागर पढ़ाई के लिए आते-जाते थे।

करीब साढ़े 12 बजे जब वे रानीपुरा के पास नेशनल हाईवे-44 से गुजर रहे थे, तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों छात्र सड़क पर गिर पड़े और ट्रक के पहिए की चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, हादसा इतना भयावह था कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
मौके पर मचा हड़कंप
हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और राहगीर मौके पर जमा हो गए। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान करीब एक घंटे तक दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की और दोषी ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया।
कैंट थाना प्रभारी Rohit Dongre ने बताया कि ट्रक को जब्त कर लिया गया है और आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
ट्रक चालक फरार
पुलिस के अनुसार हादसे के बाद गुजरात नंबर का ट्रक (GJ 01 KT 5296) सड़क किनारे छोड़कर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपी को जल्द पकड़ा जा सके।

परिवारों में मातम
दोनों छात्रों की अचानक मौत से उनके परिवारों में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने बताया कि दोनों युवक पढ़ाई में अच्छे थे और अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देख रहे थे।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद नेशनल हाईवे-44 पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज गति से ट्रक चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से हाईवे पर सख्त ट्रैफिक नियंत्रण और स्पीड मॉनिटरिंग की मांग की है।