दमोह। दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर स्थित नाका टोल प्लाजा मंगलवार देर रात उस समय रणक्षेत्र में बदल गया, जब टोल शुल्क को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। कार सवार आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट करते हुए टोल प्लाजा में जमकर तोड़फोड़ की। इस घटना में दो कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरी वारदात टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

घटना मंगलवार रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर कोरासा गांव के आगे संचालित टोल नाके पर सागर जिले के गढ़ाकोटा निवासी मुकेश यादव अपने साथियों के साथ कार से पहुंचा था। यहां टोल शुल्क को लेकर कर्मचारियों से उसकी बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि कार में मौजूद लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर अचानक टोल कर्मचारियों पर हमला बोल दिया।
डंडों से हमला, मशीनें और कंप्यूटर तोड़े
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने टोल प्लाजा में लगे कंप्यूटर, बैरियर सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को निशाना बनाते हुए जमकर तोड़फोड़ की। लाखों रुपए कीमत की मशीनें क्षतिग्रस्त हो गईं। सीसीटीवी फुटेज में बदमाश हाथों में डंडे लेकर दौड़ते और कर्मचारियों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
घटना के दौरान टोल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कर्मचारियों का कहना है कि आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया, जिससे उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।
दो कर्मचारी घायल, अस्पताल में भर्ती
हमले में घायल हुए कर्मचारी धीरेंद्र सिंह तोमर और मदन सिंह परिहार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि गढ़ाकोटा के कुछ लोग कार से आए थे। टोल शुल्क मांगने पर उनका कर्मचारियों से विवाद हो गया। इसके बाद करीब 6 से अधिक लोगों ने टोल प्लाजा में तोड़फोड़ शुरू कर दी और कर्मचारियों के साथ मारपीट की।

उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान टोल पर रखे करीब 15 हजार रुपए भी आरोपी अपने साथ ले गए। धीरेंद्र के मुताबिक उस समय टोल पर 10 से अधिक कर्मचारी मौजूद थे, जिन्होंने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी।
वहीं दूसरे घायल कर्मचारी मदन सिंह परिहार ने बताया कि कार सवार युवक ने खुद को गढ़ाकोटा निवासी मुकेश यादव बताया था। उसके साथ मौजूद अन्य लोगों ने डंडों से हमला कर कर्मचारियों को घायल कर दिया।
CCTV फुटेज के आधार पर जांच
घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी अमित गौतम और सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम सिंह दांगी ने टोल प्लाजा पहुंचकर कर्मचारियों से पूछताछ की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में कई आरोपी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उनकी पहचान के आधार पर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम भी रवाना कर दी गई है।
लूट के दावे पर पुलिस को संदेह
घटना के बाद कर्मचारियों ने जहां करीब 15 हजार रुपए लूटकर ले जाने का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस फिलहाल इस दावे की भी जांच कर रही है। एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी तोड़फोड़ और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन स्पष्ट रूप से नकदी लूटते हुए नजर नहीं आ रहे।

उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर ज्यादातर भुगतान फास्टैग और अन्य कैशलेस माध्यमों से होता है। इसके अलावा प्रत्येक शिफ्ट बदलने से पहले नगदी का हिसाब भी किया जाता है। ऐसे में कर्मचारियों द्वारा लगाए गए लूट के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने हाईवे पर संचालित टोल प्लाजा की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात को खुलेआम हुई मारपीट और तोड़फोड़ से टोल कर्मचारियों में भय का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में और बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।