सागर। जिले में बिजली व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से प्रतिभा पाल द्वारा बिजली विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिजली विभाग की अधीक्षण यंत्री चंद्ररेखा प्रभाकर सहित समस्त कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्री उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले में संचालित विभिन्न परियोजनाओं, ट्रांसफार्मर व्यवस्था, स्मार्ट मीटर स्थापना एवं आरडीएसएस योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बिजली व्यवस्था से जुड़े कार्यों की प्रगति पर गंभीरता से चर्चा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं को तय समयसीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के दौरान आरडीएसएस (रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा में यह पाया गया कि साकार इंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किए जा रहे फीडर विभक्तिकरण कार्यों की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसी को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फीडर विभक्तिकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अधीक्षण यंत्री चंद्ररेखा प्रभाकर द्वारा विभाग के वार्षिक वर्क प्लान की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि जिले में बिजली अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इनमें नए उपकेंद्रों का निर्माण, अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों की स्थापना, ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, फीडर इंटरकनेक्शन एवं फेब्रिकेशन कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और प्रभावी हो सकेगी।
कलेक्टर प्रतिभा पाल को बैठक में जिले की वर्तमान बिजली व्यवस्था, तकनीकी सुधारों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी तकनीकी कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं में कमी लाई जा सके।

बैठक में स्मार्ट मीटर परियोजना पर भी विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर प्रणाली से बिजली उपभोग की पारदर्शिता बढ़ेगी, बिलिंग संबंधी विवाद कम होंगे और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही विभाग को भी बिजली चोरी और लाइन लॉस पर नियंत्रण करने में सहायता मिलेगी।
बैठक के दौरान ट्रांसफार्मर फेल होने की बढ़ती घटनाओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने और मरम्मत करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली बाधित न रहे। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ जाती है, इसलिए ट्रांसफार्मरों की नियमित निगरानी और रखरखाव अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि जहां-जहां बार-बार ट्रांसफार्मर फेल होने की शिकायतें मिल रही हैं, वहां तकनीकी कारणों का परीक्षण कर स्थायी समाधान निकाला जाए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त क्षमता वाले ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएं ताकि ओवरलोडिंग की समस्या समाप्त हो सके।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिजली संबंधी शिकायतों के निराकरण में तेजी लाई जाए और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को बिजली संबंधी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायतों के निराकरण की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए और फील्ड स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिले में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नई तकनीकों के उपयोग और अधोसंरचना विकास के माध्यम से आने वाले समय में जिले के नागरिकों को अधिक विश्वसनीय एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
कलेक्टर ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर कार्यों की निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण हों। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी और लापरवाही पर जिम्मेदार एजेंसियों एवं अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।