पर्यावरण जागरूकता के महायज्ञ में टीम सागर बनी विजेता, अंतर-जिला जैव विविधता प्रश्नोत्तरी में हासिल किया प्रथम स्थान !

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सागर,
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस और विज़न संस्था के पंचम स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य अंतर-जिला जैव विविधता एवं पर्यावरण जागरूकता प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में टीम सागर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं टीम भोपाल द्वितीय स्थान पर रही। पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे आयोजन को प्रेरणादायी और ऐतिहासिक बना दिया।

इस विशेष आयोजन में मध्यप्रदेश के 10 संभागों में से चयनित 6 संभागों — भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा की टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े विषयों पर प्रतिभागियों की जानकारी और समझ का परीक्षण किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह और भव्यता के साथ किया गया, जिसमें प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पर्यावरण प्रदर्शनी और निःशुल्क हेल्थ कैंप भी आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में शामिल सैकड़ों युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने और निभाने का संकल्प लिया।

समारोह का शुभारंभ तपस्या परिहार, गर्वित गंगवार, प्रदीप मिश्रा, धनश्री जैन, राधा बड़गुजर एवं पर्यावरणविद निर्भय सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए युवाओं से प्रकृति संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

आयुक्त तपस्या परिहार ने कहा कि जैव विविधता केवल वन्यजीवों और पेड़-पौधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के अस्तित्व से भी सीधे जुड़ी हुई है। यदि पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है तो इसका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने और प्रकृति संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की।

वनमंडलाधिकारी गर्वित गंगवार ने कहा कि जैव विविधता पृथ्वी की सबसे बड़ी प्राकृतिक संपदा है। उन्होंने बताया कि वन, जल, वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और प्लास्टिक उपयोग कम करने जैसे छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव लाने का संदेश दिया।

प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरण से जुड़े कठिन प्रश्नों के सटीक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। टीम सागर ने सभी चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और अपनी बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया। वहीं टीम भोपाल ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान हासिल किया। विजेता टीमों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने नृत्य, नाटक और गीतों के जरिए प्रकृति बचाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संदेश प्रस्तुत किया। पर्यावरण प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा तैयार किए गए मॉडल और पोस्टरों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिनमें जल संरक्षण, जैव विविधता, स्वच्छ ऊर्जा और हरित जीवनशैली जैसे विषय शामिल थे।

इस अवसर पर आयोजित निःशुल्क हेल्थ कैंप में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। विशेषज्ञों ने स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण के बीच संबंधों पर भी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने कहा कि स्वच्छ वातावरण और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

विज़न संस्था की इस उपलब्धि पर शत्रुंजय प्रताप सिंह बिसेन, अरविंद जैन और सुधीर तिवारी ने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता बचाने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल एक प्रतियोगिता बनकर रहा, बल्कि पर्यावरण जागरूकता के महायज्ञ के रूप में समाज को प्रकृति संरक्षण का सशक्त संदेश देने में सफल साबित हुआ।

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